12:27 am - Tuesday January 24, 2017

आरक्षित सीटों पर सामान्य उम्मीदवारों को दी नियुक्ति, पीजीआई करेगा जांच

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पीजीआईएमएस में डॉक्टरों की भर्ती पर सवाल उठाए जा रहे है। आरक्षण के रोस्टर को दरकिनार कर मनमर्जी से अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित सीटों पर लंबे समय से दूसरी जाति के डॉक्टरों की भर्ती की जा रही है। इससे नियमों की अवेहलना के साथ अनुसूचित जाति के हितों पर कुठाराघात हुआ है। इसका खुलासा आरटीआई से मिली जानकारी में हुआ है। जिसमें बताया कि एससी-बीसी की दर्जनों सीटों पर सामान्य की भर्ती की गई है।
यहीं नहीं, 1979 में रोस्टर का प्रफ्रोर्मा जारी होने के बावजूद पीजीआई ने इसे चार वर्ष बाद से शुरू किया। वहीं, आरटीआई में भी अधूरी जानकारी दी गई है। अब विरोध के सुर फूटने लगे हैं और आमरण अनशन शुरू हो गया है।
राेस्टर बनाने में लापरवाही :- पीजीआई प्रशासन ने रोस्टर बनाने में लापरवाही बरती है। मनोरोग विभाग के 1983 से 2004 तक एचओडी रहे डॉ. एके वोहरा का नाम रजिस्टर में नहीं है। वहीं विभाग में सेवाएं दे चुके कई डॉक्टरों का नाम भी लिस्ट में नहीं है। यही हाल दूसरे विभागों का भी है।
पुराना बैकलॉग नहीं किया ठीक, नए पर भर्ती शुरू :- पीजीआई में सहायक प्रोफेसर पदों पर भर्ती के लिए साक्षात्कार चल रहे हैं। संस्थान का दावा है कि यह भर्ती नए बैकलॉग व रोस्टर के हिसाब से की जा रही है, जबकि पुराना बैकलॉग व रोस्टर पूरा नहीं किया गया। इसमें त्रुटियों को दूर किए बिना भर्ती हो रही है।
एससी का पहली में चौथा व दूसरी भर्ती में छठा नंबर :- सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से 15 जुलाई 2014 को रोस्टर सिस्टम को लेकर पत्र जारी किया था। भाजपा ने सत्ता में आने के बाद सिस्टम को रिव्यू करते हुए सीधी भर्ती में आरक्षण के बिंदू स्पष्ट किए हैं। सरकारी पत्र के मुताबिक, प्रथम व द्वितीय श्रेणी की भर्ती में 20% आरक्षण एससी के लिए, 10% बीसी-ए, 5% बीसी-बी, 5% एसबीसी, 5% सामान्य वर्ग के आर्थिक पिछड़े, पांच फीसदी एक्ससर्विसमैन व दो प्रतिशत स्वतंत्रता सेनानी व उनके बच्चों के लिए आरक्षित है। पत्र के हिसाब से भर्ती के रोस्टर में चार, आठ, 14, 18, 24, 28, 34, 38, 42, 50, 54, 58, 64, 68, 74, 78, 84, 88, 94, 100 नंबर पर एससी वर्ग की भर्ती की जाएगी। इसी तरह बीसी-ए के लिए 10, 16, 22, 32, 46, 56, 70, 76, 86, 95, बीसी-बी के लिए 17, 37, 57, 77 व 96 नंबर आरक्षित है।
रोस्टर सिस्टम लागू न होने पर आमरण अनशन शुरू :- पीजीआई में रोस्टर सिस्टम लागू न करने एससी-बीसी के हितों से खिलवाड़ करने पर डॉ. अंबेडकर मिशनरीज विद्यार्थी एसोसिएशन पांच दिनों से आमरण अनशन पर है। अनशनकारी अमित अहलावत की तबीयत बिगड़ने लगी है। शुक्रवार को पीजीआई डायरेक्टर के साथ एएमवीए की बैठक हुई। करीब एक घंटे चली बैठक में बहस हुई। संस्थान ने आंकड़ों के जरिए अपना पक्ष रखा तो एएमवीए ने उन्हें गलत बताया। अधिकारियों ने रोस्टर रजिस्टर की जिम्मेदारी संभालने वाले अधिकारी से बात करने के बाद ही कुछ कहने का आश्वासन दिया।
1 डॉक्टर दो 2 बार भर्ती  :- ईएनटी विभाग में रोस्टर 1984 से शुरू हुआ। यहां पांचवां नंबर सामान्य वर्ग के लिए था। 1993 में एससी वर्ग में डॉ. जगत सिंह को नियुक्ति दी गई। इसी को वर्ष 2003 में दोबारा बीसी वर्ग के लिए आरक्षित सीट पर नियुक्ति दी गई है। रिकॉर्ड में कैटेगरी नहीं लिखी।
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