6:42 am - Wednesday September 26, 2018
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खेलते समय मैदान में गाली देने के दोषी खिलाड़ी नौकरी की दौड़ से होंगे बाहर

खेल विभाग की ओर से मेडल के आधार पर नौकरी तय कर दी है। एचसीएस-एचपीएस से लेकर ग्रुप-सी तक की नौकरी मिलेगी। जितना बड़े स्तर पर मेडल, उतनी बड़ी नौकरी दी जाएगी। यदि खिलाड़ी गेम्स के दौरान किसी को गाली देने का दोषी पाया जाता है तो वह नौकरी के लिए अयोग्य हो जाएगा। खेल विभाग की ओर से जारी किए नोटिफिकेशन के अनुसार खिलाड़ी के पास मेडल तो होना ही चाहिए, लेकिन इसके अलावा उसका हरियाणा का निवासी होना और राष्ट्रीय स्तर पर हरियाणा की तरफ से खेला होना चाहिए। यदि खिलाड़ी व्यावसायिक खेल में शामिल हो रहा है तो उसे भी नौकरी नहीं मिलेगी। हालांकि राज्य और राष्ट्रीय खेल संघ के लिए खेलना व्यावसायिक खेल की श्रेणी में नहीं आएगा।
खिलाड़ी को उम्र भी छूट है, लेकिन 50 साल से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। खिलाड़ियों को मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय खेल संघों के अध्यक्ष या महासचिव से सर्टिफिकेट लाने होंगे। 4 खिलाड़ियों की टीम मेडल जीतती है तो उसे व्यक्तिगत खेल के अनुसार नौकरी दी जा सकती है, लेकिन पांच की टीम को टीम इवेंट के रूप में तय की गई नौकरी मिलेगी। बता दें कि दैनिक भास्कर ने एक महीने पहले ही खुलासा कर दिया था कि कि किस मेडल पर मिलेगी कौनसी नौकरी।

ओलिंपिक में गोल्ड मेडल पर आठ साल की सीनियोरिटी से बनेंगे एचसीएस-एचपीएस  :- सरकार की ओर से खेल कोटे से नौकरी देने के तय किए मानकों के अनुसार ओलिंपिक और पैरालिंपिक्स में गोल्ड मेडल जीतने वाले खिलाड़ी को 8 वर्ष की सीनियरिटी के साथ एचसीएस और एचपीएस की नौकरी दी जाएगी, जबकि सिल्वर मेडल जीतने वाले को 4 वर्ष की सीनियरिटी के साथ इन्हीं पदों पर जॉइनिंग कराई जाएगी। जबकि ब्रांज मेडल पर बिना सीनियरिटी के यह पद दिए जाएंगे। क्वार्टर फाइनल तक पहुंचने वाले को एचसीएस और एचपीएस का छोड़कर बाकी पदों पर ग्रुप-ए और क्वार्टर फाइनल से कम यानि खेल में शामिल होने वाले को ग्रुप-बी की नौकरी दी जाएगी। यदि टीम गोल्ड मेडल जीतती है तो पूरी टीम को एचसीएस और एचपीएस की नौकरी मिलेगी। जबकि सिल्वर मेडल पर ग्रुप-ए, ब्रांज पर ग्रुप ए की नौकरी मिलेगी। गेम्स में शामिल होने वाले को ग्रुप-सी की नौकरी दी जाएगी।

इन्हें नहीं मिलेगी नौकरी :डोपिंग, यौन उत्पीड़न, गाली देने, खेल में हेर-फेर करने, मैच फिक्सिंग जैसे मामले में दोषी को नौकरी नहीं मिलेगी।

पद के अनुसार योग्यता पूरी करने का मिलेगा समय :तकनीकी का व्यावसायिक स्तर की नौकरी के लिए प्रावधान किए हैं। विधि, डॉक्टर, इंजीनियरिंग, वास्तुकला आदि में नियुक्ति के समय कोर्स या डिप्लोमा में की योग्यता लागू नहीं होंगी, लेकिन प्रोबेशन पीरियड के भरत यह योग्यता पूरी करनी होगी।

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