1:34 am - Friday April 20, 2018

बेटी की दर्दनाक मौत के बाद पिता ने CM को लिखी 11 पन्नों की भावुक चिट्ठी

सेक्टर-44 स्थित फोर्टिस अस्पताल में डेंगू के इलाज के दौरान सात साल की आद्या के मौत के मामले में उसके पिता जयंत ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल से अपनी मृत बेटी के लिए इंसाफ की गुहार लगाई है। उन्होंने इंसाफ के लिए मुख्यमंत्री मनोहर लाल को 11 पन्नों की शिकायत भेजी है।
इसके साथ ही शुक्रवार को अस्पताल प्रबंधन और डॉक्टर के खिलाफ सुशांत लोक थाना में लिखित शिकायत दी है। शिकायत में आद्या के पिता जयंत सिंह ने आरोप लगाया है कि डॉक्टर की लापरवाही की वजह से बच्ची की जान गई और इसके साथ ही डॉक्टरों द्वारा मामला रफा-दफा करने के लिए धमकाने व रिश्वत देने की बात कही गई। उन्होंने बूतों को नष्ट करने के लिए अस्पताल के खिलाफ आपराधिक दर्ज करने की मांग भी की है। इस मामले में अस्पताल प्रबंधन ने कुछ भी कहने से इंकार कर दिया है।

बता दें कि द्वारका दिल्ली के रहने वाले जयंत सिंह ने अपने सात वर्षीय बेटी आद्या को डेंगू होने के बाद 31 अगस्त को भर्ती कराया था। अस्पताल की ओर से 14 सितंबर तक इलाज के दौरान 15 दिन का बिल 15.76 लाख रुपये बिल दिया था।

इस मामले में ट्विटर द्वारा केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से इंसाफ की गुहार लगाने के बाद प्रदेश सरकार ने भी कमेटी गठित की थी। जिसमें अस्पताल पर कई लापरवाही के मामले सामने आए हैं। इसी मामलों को आधार पर जयंत सिंह ने सुशांत लोक थाने में शिकायत दी है।

11 पन्नों की शिकायत में ये कहा

11 पन्नों की शिकायत में उन्होंने कहा है कि डॉक्टर ने बिना उन्हें सूचित किए वेंटिलेटर से पाइप हटा दी थी। उनकी पत्नी बेटी को फोर्टिस से दूसरे अस्पताल में रेफर कराना चाहती थी, कई बार बात भी की। लेकिन अस्पताल प्रबंधन ने षड्यंत्र रचकर नहीं ले जाने दिया और अंत में बच्ची की मौत हो गई।

पुलिस को दी गई लिखित शिकायत में अस्पताल के चेयरमैन मलविंद्र सिंह, वाइस चेयरमैन शिव इंद्र मोहन सिंह, शेयरहोल्डर रघुनदन कोचर, जसबीर सिंह ग्रेवाल, पंकज गुलाटी, हेमंत ढींगरा, दिलजीत सिंह, गगनदीप सिंह बेदी, एस्कॉर्ट हार्ट इंस्टीट्यूट रिसर्च सेंटर के अलावा इलाज करने वाले डॉक्टर कृष्ण चुग, विकास तनेजा, लकी, भावना, प्रीति आनंद, विकास वर्मा, कमल, सुचिता, लिली शामिल हैं।

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