1:23 pm - Thursday December 8, 2016

देखिए पुलिस भर्ती के लिए कैसे नशे के इंजेक्शन से बढ़ा रहे पावर,3 की मौत

पुलिस भर्ती के लिए नशे के इंजेक्शन से बढ़ा रहे शक्ति, अब तक 3 की जिंदगी हुई खत्म

नशे की हालत में होश खोने पर कैंडिडेट को अस्पताल में भर्ती कराते हुए। नशा उतारने के लिए पानी के नल के नीचे बैठा कैंडिडेट।

कुरूक्षेत्र।हरियाणा पुलिस के लिए 15 जून से जारी भर्ती प्रक्रिया में शक्ति बढ़ाने के लिए कैंडिडेट लगातार नशीले इंजेक्शन का इस्तेमाल कर रहे हैं। फिजिकल टेस्ट में बेहतर परफोर्म करने के लिए ये ऐसा कर रहे हैं। आए दिन सैकड़ों कैंडिडेट घायल हो रहे हैं और अस्पताल में भर्ती कराए जा रहे हैं।अब तक इसी वजह से 3 कैंडिडेट की मौत भी हो चुकी है।25 मिनिट में 5 किलोमीटर दौड़ने के लिए ले रहे हैं इंजेक्शन…..

– भर्ती में हर रोज 8 हजार के लगभग कैंडिडेट दो सत्र में दौड़ रहे हैं।
– 25 मिनट में 5 किलोमीटर की दौड़ पूरी करने के लिए कैंडिडेट नशे के इंजेक्शन का सहारा ले रहे हैं।
– इन दवाओं इंजेक्शन के प्रभाव के कारण युवा हो शो-हवास खो रहे हैं। वहीं ऊपर से गर्मी भी पूरा असर पड़ रहा है।
– ऐसे में कुछ दौड़ के दौरान बेसुध हो जाते हैं तो कोई उटपटांग हरकतें करने लगता है।
– बुधवार 29 जून को भर्ती के दौरान सोनीपत के कथूरा गांव के युवक भूपेंद्र की तबीयत खराब हो गई। अचानक गिर गया। अस्पताल में भर्ती कराया गया तो वहां से चंडीगढ़ पीजीआई रेफर कर दिया गया। वहां उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई।
– इसी तरह दो अन्य कैंडिडेट की भी मौत हुई।
दौड़ के बाद लैपटॉप तोड़ा, गिरकर टांग की हड्डी भी टूटी
– इसी तरह गुरुवार को भिवानी का प्रदीप कुमार ने दौड़ पूरी करते ही भर्ती प्रक्रिया पूरी करवा रहे पुलिसकर्मियों के लैपटॉप पर जा गिरा। पहले लैपटॉप तोड़ा और गिरने से उसकी टांग की हड्डी भी टूट गई।
– पुलिस ने अस्पताल में नशे में होने के शक के चलते अस्पताल में भर्ती करवाते हुए मेडिकल करवाया है।
नशे के खिलाफ पूर्व डीजीपी ने शुरू किया धरना
भर्ती में लगातार हो रहे नशे के इस्तेमाल पर रोक न लगा पाने के चलते पूर्व डीजीपी व लोक स्वराज मंच के रणबीर शर्मा ने भर्ती स्थल से कुछ दूरी पर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है। उनका कहना है कि नशे के कारण लगातार युवाओं की मौत हो रही है और सरकार कोई कदम नहीं उठा रही।
भर्ती में नहीं होता डोप टेस्ट-अभ्यर्थी उठा रहे फायदा
– हालांकि सरकार भर्ती में किसी तरह की गड़बड़ी हो इसके लिए कड़ी प्रकिया बनाई है। लेकिन डोप टेस्ट जैसी व्यवस्था होने का फायदा कैंडिडेट उठाते हैं।
– भर्ती स्थल के आसपास नशीले इंजेक्शन की सिरिंज दवा की शीशियां पड़ी मिली। – इससे साफ है कि युवा दौड़ में शक्ति बढ़ाने के लिए नशीले इंजेक्शनों दवा का प्रयोग कर रहे हैं।

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नशे में पानी के नल के नीचे बैठा कैंडिडेट और प्यास बुझाते हुए एक गाय।

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इस तरह से बेहोश होकर गिर रहे हैं कैंडिडेट।

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भर्ती के दौरान अस्पताल में भर्ती घायल कैंडिडेट।

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हर रोज सैंकड़ों कैंडिडेट हो रहे अस्पताल में भर्ती।

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नशे की हालत में प्रवीण खुद को इंस्पेक्टर बता रहा था।

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