8:27 am - Tuesday December 6, 2016

सिविल सेवा परीक्षा से जुड़ी बड़ी खुशखबरी, तैयारी कर रहे छात्र जरूर पढ़ें

सिविल सेवा परीक्षा से जुड़ी बड़ी खुशखबरी, तैयारी कर रहे छात्र जरूर पढ़ेंअब अभ्यर्थी सूचना केअधिकार के तहत सिविल सेवा (मुख्य) परीक्षा में होने वाली अंग्रेजी और हिन्दी विषय के कट ऑफ मार्क्स की जानकारी हासिल कर सकते हैं। केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) ने एक अहम फैसले में संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) से एक अभ्यर्थी को हिन्दी और अंग्रेजी विषय का कट ऑफ मार्क्स मुहैया कराने के लिए कहा है।

केंद्रीय सूचना आयोग ने यूपीएससी की दलीलों को खारिज करते हुए यह निर्देश दिया है। यूपीएससी का कहना था कि अगर भारतीय भाषाओं की उत्तर पुस्तिकाएं मुहैया कराने और क्वालीफाइंग मार्क्स का खुलासा करने से यह आशंका रहेगी कि अगले वर्ष अभ्यर्थी इन विषयों के लिए अथक प्रयास नहीं करेंगे। अभ्यर्थियों का ध्यान सिर्फ इन विषयों में क्वालीफाई करने से होगा और यूपीएससी ऐसा बिल्कुल नहीं चाहती।

लखनऊ निवासी अभय कुमार दूबे ने मई 2013 में सूचना केअधिकार के तहत सिविल सेवा (मुख्य) परीक्षा, 2012 को लेकर यूपीएससी ने तीन जानकारी मांगी थी। अभय ने यूपीएससी से हिन्दी और अंग्रेजी भाषा की उत्तर पुस्तिकाओं की प्रति मांगी थी।

साथ ही हिन्दी और अंग्रजी के क्वालीफाइंग मार्क्स की जानकारी मांगी थी। इसकेअलावा यह भी जानकारी मांगी गई थी कि सिविल सेवा (मुख्य) परीक्षा, 2012 में हिन्दी और अंग्रजी में कितने अभ्यर्थी फेल हुए थे। यूपीएससी केजवाब से संतुष्ट न होने पर दिसंबर, 2013 में सीआईसी का दरवाजा खटखटाया था।

सीआईसी ने अपने फैसले में कहा कि यूपीएससी के तर्क जायज नहीं हैं। ये तर्क अतार्किक हैं। सीआईसी ने कहा कि कट-ऑफ मार्क्स की जानकारी हासिल करना जनहित में हैं। सीआईसी का मानना है कि इस खुलासे से अभ्यर्थियों के लिए भारतीय भाषाओं के चयन में मदद मिलेगी।

साथ ही इससे अभ्यर्थियों को यकीन हो जाएगा कि उत्तर पुस्तिकाओं की जांच करने वाले किसी एक भाषा को लेकर पक्षधर नहीं हैं। सीआईसी ने यूपीएससी को चार हफ्ते के भीतर अभय को यह जानकारी देने के लिए कहा है।

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