1:35 am - Saturday December 3, 2016

सेना भर्ती रैली फिजिकल की तैयारी कैसे करें?

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सेना भर्ती रैली : तैयारी में 8 किमी नहीं, 1600 मीटर ही दौड़ें

हरियाणा के युवाओं का फिजिकल अच्छा है और हमें यहां भर्ती करवाने में मजा आता है। सेना में ऐसे ही लंबी चौड़ी कद काठी के युवाओं की जरूरत होती है, लेकिन यहां के युवा 1600 मीटर दौड़ की ही तैयारी करके ही आए। यह कहना है सेना भर्ती रैली के भर्ती निदेशक कर्नल का। उन्होंने भर्ती में कामयाबी के तरीकों को लेकर खास बातचीत की। उनका कहना है कि यहां के युवक रोज पांच से आठ किलोमीटर दौड़ की प्रेक्टिस करके आते हैं लेकिन यहां दौड़ में विफल हो जाते हैं।

पिछली बार भी ऐसे कई युवक देखने को मिले थे। ऐसे में उन्हें केवल 1600 मीटर की तैयारी ही करनी है जिससे यह मालूम रहे कि कैसे दौड़ की बाधा पार करनी है? सीकर के युवाओं में सेना में जाने का जबरदस्त जोश और जुनून है। दौड़ से पहले उन्हें तकनीकी पहलुओं से रूबरू कराने के लिए dainik express ने कर्नल से बातचीत की।

भर्ती में दौड़ सबसे पहली बाधा है, इसे कैसे पूरा किया जाए? :- यहां के बच्चे अच्छी तैयारी के साथ आते हैं। वे रोज 8 से 10 किलोमीटर दौड़ की तैयारी करते हैं। यह तरीका गलत है उन्हें 1600 मीटर की ही तैयारी करनी चाहिए। जो रोज 8 किलोमीटर भाग रहा है वह दो किलोमीटर से पहले तो जोर ही नहीं लगाएगा और तब तक तो दौड़ पूरी हो जाएगी। 1600 मीटर की तैयारी करेंगे तो यह पता रहेगा कि कौन से चक्कर में पूरा दम लगाना है? शुरूआत के दो चक्कर आराम से पूरे करें। इनमें ज्यादा जोर लगाएंगे तो आखिर में बाहर हो जाएंगे। आखिरी चक्कर में पूरा दमखम लगाएं। कभी भी पूरे पैर पर नहीं भागे। पंजों के बल भागने से अपने आप ऊर्जा मिलती है और सफल होते हैं।

फिजिकल की तैयारी कैसे करें?- फिजिकल में केवल बीम में ही बच्चे बाहर होते हैं। बीम केवल प्रेक्टिस से ही पूरी की जा सकती हैं। प्रेक्टिस के दौरान यह ध्यान रखें कि बीम बिल्कुल सीधे हाथ से निकालें और ठुडी को पाइप से टच करें। कई बच्चे बीच में कोहनी मोड़कर प्रेक्टिस करते हैं जो बाहर हो जाते हैं। बीम के अलावा कोई भी फिजिकल ज्यादा मुश्किल नहीं है।

सीने की वजह से काफी युवा बाहर होते हैं, इन्हें क्या करना चाहिए? – यह समस्या ज्यादा बच्चों के साथ है। जिनका सीना कम है वे रोज दौड़ पूरी करने के बाद पुशअप जरूर निकालें। पुशअप ही सीना बढ़ाने का एकमात्र तरीका है। पुशअप के बाद हेवी खाना लें और रेस्ट करें। सीना बढ़ जाएगा।

युवा सबसे ज्यादा किस टेस्ट में बाहर होते हैं? – मेडिकल में काफी बच्चे बाहर होते हैं। हड्डियों में टेढ़ेपन की समस्या है। इसके अलावा फ्लोराइड भी यहां की एक बड़ी समस्या है। जिससे दांत व हड्डियां कमजोर हो जाती हैं और वे सेना में जाने के लायक नहीं रहते हैं।

यहां के युवाओं के फिजिकल के बारे में क्या कहना चाहेंगे? – हरियाणा के बच्चों का फिजिकल अच्छा है। हमें तो ऐसे ही युवा चाहिए जो लंबी चौड़ी कद काठी के हों। इसीलिए यहां भर्ती करवाने में मजा आता है। बच्चें तैयारी भी अच्छी

सेना में भर्ती होना है तो कभी न करें ये गलतियां

सेना में भर्ती के लिए समय-समय पर कैम्प होते रहते हैं. और समय समय पर सेना में भर्ती भी होती रहती है लेकिन युवा कुछ छोटी छोटी गलतियां करके बाहर हो जाते हैं, तो चलिये आज हम आपको कुछ ऐसे टिप्स दे रहे हैं जिन्हें अपनाकर आपका सेना में चयन तय है।

पूरे शरीर में हुआ टैटू तो नहीं होंगे सिलेक्ट – अगर आपने पूरे शरीर पर टैटू बनायें है तो आपका सलेक्शन होना मुश्किल है। पूरे शरीर में टैटू यदि आपने बनवाया है, तो आप चयन के लिए योग्य नहीं समझे जायेंगे.

चलते समय घुटने न टकराएं– टेस्ट के दौरान इस बात का ध्यान रखें कि चलते समय घुटने न टकराएं। घर पर सावधान की अवस्था में आर्मी चाल चलने की प्रैक्टिस करें और बैठकर दोनों पैरों को सीधे करके पंचे मिलाकर घुटने दूर रखें।

बड़े टैटू न बनवाएं– शरीर पर बड़े टैटू न बनवाएं। सेना में भर्ती के दौरान सिर्फ धार्मिक और नाम वाले टैटू ही मान्य होते हैं। वो भी छोटे आकार के।

ठंडे पानी से आंख धोकर– चेकअप से पहले ठंडे पानी से आंख धोकर जाएं। इससे आंखों के आगे आया अस्थाई जाल हट जाएगा और विजन क्लियर होगा।

दौड़ लगाकर पुशअप करें– सीना कम होने की स्थिति में दौड़ लगाकर पुशअप्स करें। इसके बाद हैवी फूड लें और रेस्ट करें। सीना बढ़ जाएगा।

1600 मीटर की दौड़ की ही तैयारी करें – पंजों के बल भागनें की प्रैक्टिस करें। इससे ज्यादा ऊर्जा मिलती है। भर्ती टेस्ट में 8-10 किमी नहीं 1600 मीटर दौड़ने की ही प्रैक्टिस करें।

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