11:16 am - Tuesday December 6, 2016

हिन्दी व्याकरण :- पुल्लिंग/स्त्रीलिंग

लिंग बदलने के बारे में:

1. आ, आव, पा, पन, न- ये प्रत्यय जिन शब्दों के अंत में हों वे प्रायः पुल्लिंग होते हैं । जैसे- कपड़ा, चढ़ाव, बुढ़ापा, लड़कपन, लेन-देन ।

2. पर्वत, मास, वार और कुछ ग्रहों के नाम पुल्लिंग होते हैं ।
जैसे- हिमालय, विंध्याचल, वैशाख, सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, राहु, केतु ।

3. पेड़ों के नाम पुल्लिंग होते हैं ।
जैसे- आम, शीशम, सागौन, जामुन, बरगद इत्यादि ।

4. अनाजों के नाम पुल्लिंग होते हैं ।
जैसे- गेहूँ, चावल, चना, मटर, जौ, उड़द आदि ।

5. द्रव पदार्थों के नाम पुल्लिंग होते हैं ।
जैसे- पानी, सोना, ताँबा, लोहा, घी, तेल आदि ।
अपवाद- चांदी ।

6. रत्नों के नाम पुल्लिंग होते हैं ।
जैसे- हीरा, पन्ना, मूँगा, मोती आदि ।

7. शरीर के अंगों के नाम सामान्यत: पुल्लिंग होते हैं ।
जैसे- सिर, मस्तक, दाँत, मुख, कान, गला, हाथ, पाँव, होंठ, तालु, नख, रोम आदि ।
अपवाद- आँख

8. जल, स्थान और भू-मंडल के भागों के नाम पुल्लिंग होते हैं।
जैसे- समुद्र, भारत, देश, नगर, द्वीप, आकाश, पाताल, घर, सरोवर आदि ।

स्त्रीलिंग की पहचान

1. जिन संज्ञा शब्दों के अंत में ख होते है, वे स्त्रीलिंग कहलाते हैं । जैसे- आँख, भूख, चोख, राख, कोख, लाख, देखरेख आदि ।

2. जिन भाववाचक संज्ञाओं के अंत में ट, वट, या हट होता है, वे स्त्रीलिंग कहलाती हैं ।
जैसे- झंझट, आहट, चिकनाहट, बनावट, सजावट आदि ।

3. अनुस्वारांत, ईकारांत, ऊकारांत, तकारांत, सकारांत संज्ञाएँ स्त्रीलिंग कहलाती है ।
जैसे- रोटी, टोपी, नदी, चिट्ठी, उदासी, रात, बात, छत, भीत, लू, बालू, दारू, सरसों, खड़ाऊँ, प्यास, वास, साँस आदि ।

4. भाषा, बोली और लिपियों के नाम स्त्रीलिंग होते हैं ।
जैसे- मैथिली, हिन्दी, संस्कृत, देवनागरी, पहाड़ी, तेलुगु, पंजाबी, गुरुमुखी ।

5. जिन शब्दों के अंत में इया आता है वे स्त्रीलिंग होते हैं।
जैसे- कुटिया, खटिया, चिड़िया आदि ।

6. नदियों के नाम स्त्रीलिंग होते हैं ।
जैसे- नर्मदा, यमुना, गोदावरी, सरस्वती आदि ।

7. तारीखों और तिथियों के नाम स्त्रीलिंग होते हैं ।
जैसे- पहली, दूसरी, प्रतिपदा, पूर्णिमा आदि

Filed in: General Knowledge

No comments yet.

Leave a Reply

*
error: Content is protected !!