5:05 pm - Monday May 29, 2017

17 जिलों के छात्र गणित में कमजोर, सोनीपत व महेंद्रगढ़ का हिसाब ठीक

विभिन्न गतिविधियों के साथ सरकारी स्कूलों में छात्रों को पढ़ाने का कोई फायदा शिक्षा विभाग को नहीं मिल रहा है। छात्रों का लर्निंग लेवल लगातार गिर रहा है। प्रदेश के महज 40 फीसदी छात्र ही ऐसे हैं, जिन्हें सही प्रकार से कैलकुलेशन आती है। 60 फीसदी छात्रों के लिए मैथ एक बोझ नजर आ रहा है। 21 में से 4 जिले ही ऐसे हैं जिनके 50 फीसदी से ज्यादा छात्र मैथ्स के सवालों को हल कर पाते हैं। एससीईआरटी ने नवंबर महीने में आठवीं क्लास के छात्रों का मैथ्स में आंकलन किया था, जिसके बाद यह खुलासा हुआ है।

एससीईआरटी ने प्रदेश के सभी जिलों में छात्रों का लर्निंग लेवल चेक करने के लिए टेस्ट लिया था। इसमें आठवीं क्लास के छात्रों का मैथ का टेस्ट लिया गया। इसमें सोनीपत के छात्रों ने बाजी मारी। सोनीपत के 68 फीसदी छात्रों ने बाजी मारी। महेंद्रगढ़ के 54 फीसदी छात्रों ने टेस्ट को उत्तीर्ण किया। गुड़गांव व झज्जर के 51 फीसदी छात्रों ने टेस्ट पास किया। इसके अलावा अन्य जिलों के छात्रों ने 50 फीसदी से भी कम परफॉर्मेंस दी। रोहतक के 49 फीसदी छात्र ही टेस्ट में पास हुए। फरीदाबाद के 46, रेवाड़ी के 45, पानीपत के 42 फीसदी, भिवानी के 39, अंबाला व पलवल के 38, कुरुक्षेत्र के 37 तथा पंचकूला के 36 फीसदी छात्र ही पास हुए।

एससीईआरटी के एसेसमेंट हेड सुरेंद्र सिंह संधू ने बताया कि प्रदेश में शुरू हुई मासिक परीक्षाओं के तहत छात्रों का लर्निंग लेवल चेक किया गया। इसमें पहली से पांचवी तक के छात्रों की परफॉर्मेंस प्रदेश में अच्छी रही है। जबकि छठी से आठवीं क्लास के छात्रों की परफॉर्मेंस में इंप्रूवमेंट की जरूरत है। आठवीं के छात्रों से जितनी आशा की जाती है, उनकी परफॉर्मेंस उससे भी खराब मिली है।

इन जिलों की परफॉर्मेंस ने किया निराश :- प्रदेश के कुछ जिले ऐसे भी रहे जिनके छात्रों की परफॉर्मेंस 35 फीसदी से भी कम रही। इसमें करनाल व हिसार के छात्रों की 34, मेवात, कैथल, यमुनानगर के छात्रों ने 33, सिरसा के 32 तथा फतेहाबाद के 31 फीसदी छात्रों की परफॉर्मेंस मैथ्स में सही रही। शेष छात्रों ने शिक्षा विभाग को निराश किया।

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