10:34 pm - Wednesday December 13, 2017

1500 टून कूड़ों के ढेर के साथ करनाल उत्तर भारत के सबसे स्वच्छ शहर का तमगा कैसे मिला?

दो दिन पहले उत्तर भारत के सबसे स्वच्छ शहर का तमगा पाने वाले करनाल में शनिवार को डेरा सच्चा सौदा ने महासफाई अभियान चलाकर इस शहर के चेहरे पर चिपके स्वच्छता के मुखौटे को उखाड़ फेंका। आम दिनों में 100 से 110 टन कूड़ा निकलने वाले इस शहर से शनिवार को तीन घंटे के अंदर ही 1500 टून कूड़ा निकल गया। डेरा के सेवादार 40 डिग्री तापमान के भीषण गर्मी में सफाई अभियान चलाकर शहर में कूड़ों का ढेर लगा दिया, जिसके निपटारन में ही प्रशासन के पसीने छूट गए।

नगर निगम कर्मचारी देर रात तक कूड़े को शेखपूरा स्थित सोलिड वेस्ट मेनेजमैंट प्लांट पर पहुंचाने में लगे रहे। जिला प्रशासन के निपटान संशाधन कूड़ों के ढेर के आगे कम पड़ गए। संभावना जताई जा रही है कि ये कूड़े आगामी दो से तीन दिनों में सड़कों से हट पाएंगे। शहर के कुछ इलाकों में सफाई अभियान सुबह करीब 9 बजे ही शुरू हो गया था। कई राज्यों से आए करीब पांच लाख सेवादार जैसे-जैसे करनाल पहुंचते गए, अपने निर्धारित जगहों पर पहुंचकर सफाई अभियान में जुट गए। लेकिन इसकी विधिवत शुरूआत डेरा सच्चा सौदा के मुखिया संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह और प्रदेश के सीएम मनोहर लाल खट्टर ने झाडू लगाकर किया। जिसके बाद सेवादार पूरे शहर में फैलकर सफाई अभियान में जुट गए। करीब तीन घंटे तक चले इस सफाई अभियान के दौरान लाखों सेवादार 40 डिग्री के तापमान में शहर की सफाई कर कूड़े का ढेर लगा दिया।

सेवादारों ने सड़क गलियों से लेकर नालों के अंदर घूसकर उसमें पड़े कचरे को हाथों से साफ किया। कई सेवादार ऐसे भी थे जो गटर के अंदर तक घूसकर उसकी सफाई की। इस सफाई अभियान में महिलाएं भी पीछे नहीं थी। एक तरफ जहां पुरुष सेवादार नाले-नालियों के सफाई में लगे थे, वहीं महिला सेवादार जगह-जगह एकत्रित कूड़े और कचरे को समेटने में लगी थी।

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