3:41 pm - Tuesday April 17, 2018

HSSC में आरोपियों की कॉल रिकॉर्ड से एक और खुलासा, पेपर कोई और तो इंटरव्यू कोई और देता था

HSSC भर्ती घोटाले में एक और घोटाला सामने आया है। जांच में पता चला है कि अधिकारी एवं कर्मचारी इंटरव्यू के समय बायोमीट्रिक के बाद जाली उम्मीदवार को भी पेश करते थे। यह खुलासा गिरफ्तार किए आरोपियों की कॉल डिटेल से हुआ है। इसके अनुसार जाली उम्मीदवार इंटरव्यू में जाता था, जिसके बाद असली उम्मीदवार के अच्छे नंबर पक्के हो जाते थे।

सीएम उड़नदस्ता की जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने कुछ भर्तियों में उम्मीदवारों के लिखित परीक्षा में पास होने के बाद उनके जगह पर इंटरव्यू में दूसरे उम्मीदवारों को भेजा जाता था। गिरफ्तार हुए पुनित ने फोन पर दूसरे व्यक्ति को कहा था कि मैंने अच्छे नंबर लगवाए हैं। इसलिए मेरिट में आ गया है। पुनित ने कहा कि आपने कैंडिडेट वेरीफाई और मिलान करके किसी और की स्टांप लगाकर देनी है, जिसके बाद इंटरव्यू हो जाएगा।

बता दें कि आरोपी इंटरव्यू के अलावा ट्रांसफर का भी ठेका दो लाख रुपये में तय करते थे। यह खुलासा इन आरोपितों के सर्विलांस पर लगे फोन से हुआ है। वहीं धर्मेंद्र से फोन पर दूसरे व्यक्ति ने क्लर्क की वेटिंग लिस्ट में नाम डलवाने की बात की थी और रेट भी पूछा था। धमेंद्र ने कहा कि वेटिंग लिस्ट में नाम डलवाने के 5 लाख रुपये फिक्स है। धर्मेंद्र को एक अन्य फोन आया और सेनेटरी इंस्पेक्टर का कैंडिडेट आने के बारे में बताया। धमेंद्र ने कहा कि 5 लाख रुपये ले लो, पक्का करके बताओ, ताकि भेज दूं।

वहीं रोहताश कुमार की फोन डिटेल से पता चला है कि वह फोन पर एक अन्य व्यक्ति से कह रहा है, क्लर्क में वेटिंग में एक उम्मीदवार का काम करवाना है, तो रोहताश ने कहा कि मैं उसकी स्थिति देखकर बता दूंगा। रोहताश कुमार की एक मोबाइल पर बात हुई, जिसमें इन दोनों के बीच किसी महाबीर के लड़के के इंटरव्यू में 20 नंबर लगवाने के बारे में क्लर्क भर्ती संबंधी बात हुई थी। रोहताश ने कहा कि रणबीर से 3.5 लाख में बात हुई थी, इससे कम नहीं लेना।

वहीं धर्मेंद्र की भी एक व्यक्ति से मोबाइल पर बात हुई, जिसमें फोन करने वाले ने अपने आपको पटवारी बताया। पटवारी ने धर्मेंद्र से क्लर्क की भर्ती के बारे में बात की, जिसमें धर्मेंद्र ने कहा कि आपके दोनों बच्चों का काम पक्का हो जाएगा और जिस दिन काम हो जाए, उसके अगले दिन मेरे पास आ जाना।

क्लर्क की लिस्ट लगने के बाद पटवारी ने धर्मेंद्र को पेमेंट दी जिसका खुलासा फोन कॉल में हुआ। उसने धर्मेंद्र से पूछा कि हम जो पेमेंट देकर आए थे, क्या आपने उनकी गिनती की है। धर्मेंद्र ने कहा कि मैंने तो ऐसे आगे पहुंचा दी। पटवारी ने कहा कि दो हजार का नोट गलती से मेरी में जेब में रह गया, मैं आपके अकाउंट में डलवा देता हूं। धर्मेंद्र ने कहा कि अकाउंट में तो डलवा नहीं सकते।

अब ये पेमेंट आगे कहा देते थे इसका खुलासा तो जांच के बाद होगा। बता दें कि भारत भूषण भारती हर बार की तरह जांच का हवाला देकर इन मुद्दों पर बोलने से बच रहे हैं।

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