6:55 pm - Thursday April 19, 2018

जाट आरक्षण पर पिछड़ा वर्ग आयोग ने रोकी अपनी रिपोर्ट, जाट समेत 6 जातियों को बड़ा झटका

हरियाणा में जाटों सहित 6 जातियों को आरक्षण के मामले में बड़ा झटका लगा है। हरियाणा पिछड़ा वर्ग आयोग ने जातीय आंकड़ों के आधार पर आरक्षण संबंधी अपनी रिपोर्ट 31 मार्च को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट व मनोहर लाल सरकार को नहीं सौंपने का फैसला लिया है। आयोग के चेयरमैन जस्टिस रिटायर्ड एसएन अग्रवाल ने हाईकोर्ट व प्रदेश सरकार को पत्र लिखकर इससे अवगत कराया है।

जस्टिस अग्रवाल ने सुप्रीम कोर्ट केजाट आरक्षण पर यथास्थिति बनाए रखने के ताजा आदेशों के बाद यह पत्र लिखा है। आयोग के फैसले से जाटों में मायूसी है। चूंकि, वे 31 मार्च को आयोग की ओर से हाईकोर्ट व सरकार को सौंपे जाने वाली सीलबंद रिपोर्ट पर टकटकी लगाए बैठे थे। जाटों सहित छह जातियों की आरक्षण संबंधी आस इसी रिपोर्ट पर टिकी हुई है। हरियाणा पिछड़ा वर्ग आयोग की ओर से जातीय आधार पर जुटाए गए आंकड़ों से ही साफ होना है कि प्रदेश में यह छह जातियां आरक्षण की हकदार हैं या नहीं।

सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक और नौकरी-पेशा की दृष्टि से हरियाणा में जाट पिछड़े हैं या नहीं, आयोग ने इसका भी सर्वे कराया है। इसके अलावा सरकारी नौकरियों में प्रदेश में किस जाति को कितना प्रतिनिधित्व वर्तमान में है, यह आंकड़े भी विभाग अनुसार जुटाए गए हैं। अधिकांश विभागों ने कर्मचारियों का जातीय डाटा सरकार को सौंप दिया है। 31 मार्च को रिपोर्ट न सौंपे जाने से आयोग को भी आंकड़े दुरुस्त करने के लिए लगभग एक सप्ताह का समय मिला है। क्योंकि, सुप्रीम कोर्ट में जाट आरक्षण पर अप्रैल के पहले सप्ताह में सोमवार से शुक्रवार के बीच सुनवाई है।

अगले आदेश तक नहीं दे सकते रिपोर्ट : अग्रवाल

सेवानिवृत्त जस्टिस एसएन अग्रवाल ने बताया कि 31 मार्च को अब अपनी रिपोर्ट नहीं दे सकते। सुप्रीम कोर्ट ने आगामी आदेशों तक यथास्थिति बनाए रखने का निर्णय सुनाया है। सर्वोच्च न्यायालय अप्रैल माह में होने वाली सुनवाई में जो भी आदेश देगा, उसके अनुसार रिपोर्ट सौंपने पर निर्णय लेंगे।

आयोग को सौंपनी चाहिए अपनी रिपोर्ट : मलिक
अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के अध्यक्ष यशपाल मलिक ने कहा कि आयोग को जातीय आंकड़ों के आधार पर तैयार अपनी रिपोर्ट हाईकोर्ट व सरकार को सौंपनी चाहिए। स्टे हटवाने के लिए वे भी सर्वोच्च न्यायालय जा रहे हैं, सरकार को भी उचित पैरवी करनी चाहिए।

केस में पार्टी बनकर जल्दी खारिज कराएंगे याचिका : हुड्डा
दो जमा पांच मुद्दे जनांदोलन के अध्यक्ष एडवोकेट सत्यवीर हुड्डा ने कहा कि सतबीर सिंह सैनी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर जाटों सहित 6 जातियों को आरक्षण न देने की मांग की है। जिस पर यथास्थिति बनाए रखने के आदेश सुनाए गए हैं। वे इस केस में पार्टी बनकर सुप्रीम कोर्ट से जल्दी इस याचिका को खारिज कराएंगे।

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