8:25 pm - Wednesday April 18, 2018

हरियाणा के बड़े मंत्रियों ने बोला खट्टर पर हमला, अपने ही CM को बताया तानाशाह

हरियाणा भाजपा में सब कुछ अच्छा नहीं चल रहा है। जैसे प्रदेश के कार्यकर्ता अपने विधायकों से खुश नहीं हैं ठीक वैसे हरियाणा के कई सत्ताधारी विधायक और बड़े बड़े केबिनेट मंत्री अपने मुखिया मनोहर लाल से खुश नहीं हैं। हरियाणा अब तक आपको काफी समय से बता रहा है कि पूरे प्रदेश में भाजपा का ग्राफ टपकता जा रहा है। ये बातें कुछ भाजपा नेताओं को शायद ही कही अच्छी लगीं हों लेकिन सच तो सच है। सूत्रों की मानें तो प्रदेश में टपकते जा रहे भाजपा के ग्राफ को देखते हुए भाजपा हाईकमान ने मजबूत होते जा रहे विपक्ष का ग्राफ टपकाने के लिए पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री कैलाश विजयवर्गीय को हरियाणा भेजा और विजयवर्गीय सभी जिलों में कार्यकर्ताओं संग बैठक और जिलों में रात्रि प्रवास भी करेंगे।

एक दिन पहले चंडीगढ़ में उन्होंने संगठन और सत्ता में शामिल जनप्रतिनिधियों को निर्देश दिए थे कि यदि वो मिलकर काम करेंगे तो विपक्ष की बोलती बंद हो जाएगी लेकिन हरियाणा के कई केबिनेट मंत्री कुछ और कह रहे हैं। मंत्री खट्टर को तानाशाह बता रहे हैं। हरियाणा पहुँचने के बाद विजयवर्गीय ने मुख्यमंत्री समेत हरियाणा मंत्रिमंडल के मंत्रियों की बैठक बुलाकर उनसे सरकारी कार्यप्रणाली संबंधी फीडबैक लिया था तो नाराज मंत्रियों ने कहा कि अफसर भी उनको तवज्जो नहीं देते।

इस मौके पर स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज का जन्मदिन मनाया गया था लेकिन विज ने भी कहा कि इस समारोह का क्या फायदा, जब मन में कड़ुवाहट भरी हो। उन्होंने कहा कि वे अपने विभाग में मुख्यमंत्री के ‘दखल’ से बहुत क्षुब्ध हैं। वहीं, वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने शिकायत की कि हमें कुछ भी नहीं समझा जाता। कृषि मंत्री ओपी धनखड़ ने बताया कि राज्य के अफसर मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) अथवा सीएम के सचिवों से ही निर्देश लेते हैं।

पिछले वर्ष मई में जब सूरजकुंड में पार्टी महासचिव से बैठक में कुछ मंत्रियों ने मुख्यमंत्री की कार्यशैली का विरोध किया था, तब वे उपस्िथत नहीं थे, लेकिन अब की बार मुख्यमंत्री की उपस्थिति में ही उन पर ‘हमला’ किया गया। हरियाणा की महिला एवं बाल विकास मंत्री कविता जैन ने आरोप लगाया कि पहले मुख्यमंत्री द्वारा फाइलें क्लीयर की जाती हैं, बाद में हस्ताक्षर के लिए उनके पास पहुंचती हैं। उन्होंने कहा कि हमें रोबोट की तरह समझा जाता है। उद्योग मंत्री विपुल गोयल ने शिकायती लहजे में कहा कि मुख्यमंत्री ‘तानाशाहीपूर्ण’ तरीके से सरकार चला रहे हैं। मंत्री राम बिलास शर्मा ने भी सीएम खट्टर के खिलाफ मुंह खोला। उन्होंने कहा कि लीडरशिप से पहले भी मुलाकात की गयी थी लेिकन खेद है कि इसके बावजूद कोई खास बदलाव नहीं आया। विजयवर्गीय के साथ यह बैठक 2 चरणों में आयोजित की गयी। विजयवर्गीय बैठक के बाद तुरंत दिल्ली चले गये व कहा कि वे सभी बातें हाईकमान के सम्मुख रखेंगे।

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