2:39 pm - Wednesday October 18, 2017

जॉब के बदले कैश मामला: विस स्पीकर ने तोड़ी चुप्पी, बोले-मैंने खुद सीएम को जांच कराने की मांग की

विधानसभा का बजट सत्र शुरू होने से एक दिन पहले स्पीकर कंवरपाल गुर्जर ने जॉब के बदले कैश लेने को लेकर लग रहे आरोपों के संबंध में अपनी सफाई दी। उन्होंने कहा कि यह उन्हें बदनाम करने का षडयंत्र है, इसका बहुत जल्द खुलासा होगा। फिलहाल इस प्रकरण को लेकर उन्होंने सीएम मनोहर लाल खट्टर से मिलकर पूरे मामले की टाइम बाउंड इन्क्वायरी करवाए जाने की मांग की है।

गुर्जर ने कहा कि आत्महत्या करने वाले मृतक बलजीत के परिवार को हर हाल में इंसाफ मिलना चाहिए। वे जिस एजेंसी पुलिस, सीआईडी, सीबीआई या हाईकोर्ट के जज से जांच कराना चाहें, उसी एजेंसी से जांच करवानी चाहिए। उन पर लगे आरोपों को अगर एक बार को सही भी मान लिया जाए, तो नौकरी न लगने पर अपने पैसे मांगने के लिए बलजीत, रामनाथ अथवा सुरिंदर ने फोन जरूर किए होंगे। इन सभी की कॉल डिटेल निकलवाकर सार्वजनिक कर देनी चाहिए। अगर, उसमें कहीं भी मेरा अथवा मेरे परिवार के किसी भी सदस्य से बात होना सामने आती है तो वे मैं पूरी जिम्मेदारी लेकर विधानसभा स्पीकर पद से इस्तीफा दे दूंगा।

स्पीकर कंवरपाल गुर्जर ने रविवार को विधानसभा परिसर में मीडिया के समक्ष सफाई देते हुए कहा कि उनके भाई के साथ रामनाथ की बातचीत का एक कथित फर्जी ऑडियो और सोशल मीडिया में वायरल की जा रही है। इसकी भी जांच करके दोषियों पर कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि रामनाथ खुद अपराधी किस्म का व्यक्ति है। इसने पहले भी केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गुर्जर और पूर्व विधायक प्रदीप चौधरी के नाम पर लोगों से पैसे इकट्ठे किए थे। तब मामले भी दर्ज हुए थे। उन्होंने कहा कि विधानसभा में भर्ती करने का काम कमेटी के माध्यम से होता है। सीधे तौर पर उनका कोई रोल नहीं है। उल्लेखनीय है कि यह दूसरा मौका है जब जॉब के नाम पर या नियमित कराए जाने के नाम पर कैश मांगने का मामला सामने आया है। इस बार बलजीत नामक व्यक्ति सुसाइड भी कर चुका है। आरोप लगाए जा रहे हैं कि यह पैसा स्पीकर कंवरपाल और उनके भाई तक पहुंचा। इसमें स्पीकर के पूर्व पीए वकील सिंह की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं।

शिकायतों पर क्राइम ब्रांच कर रही जांच :- विधानसभा में नौकरी लगवाने के नाम पर स्पीकर और उनके भाई अशोक पर पैसे लेने के आरोप लगने के बाद क्राइम ब्रांच जांच कर रही है। कुछ दिन पहले यूपी के सहारनपुर के ननियारी निवासी सुरेंद्र ने एडीजीपी मोहम्मद अकील को शिकायत दी, जिसमें आरोप लगाया कि चार लोगों को क्लर्क व चपरासी लगाने के लिए वर्ष 2015 में 44 लाख में सौदा हुआ था। पैसे का लेन-देन स्पीकर आवास पर हुआ। शिकायत में रामनाथ, राजिंदर, शिव, बलजीत, जोगिंदर आदि के नाम मध्यस्थ के तौर पर लिए गए। इनमें से नारायणगढ़ निवासी बलजीत ने दिसंबर में रामनाथ के घर जाकर सुसाइड कर लिया था।

रामनाथ का वीडियो वायरल-स्पीकर के भाई और पीए पर आरोप :- मध्यस्थ रामनाथ पर मामला दर्ज हुआ, तो उसका एक वीडियो वायरल हुआ। जिसमें कहा कि पिछले डेढ़ दो साल से रुपए दिए गए हैं। इन रुपयों को विधानसभा स्पीकर के पीए वकील सिंह ने लिया। इसके बाद ऑडियो वायरल किया जिसमें कथित रूप से रामनाथ और अशोक के हुई बातचीत है।

Filed in: Jobs, News

No comments yet.

Leave a Reply

*

error: Content is protected !!