2:41 pm - Wednesday October 18, 2017

प्रोफेसर और प्रिंसिपल के चयन के नियमों में किए बदलाव, अनुभव का होगा लाभ

प्रदेश के सभी निजी, सरकारी और एडिड कॉलेजों में सहायक प्रोफेसर और प्रिंसिपल के पदों पर चयन करने के लिए नियमों में उच्चतर शिक्षा विभाग ने बदलाव किए हैं। विभाग के प्रिंसिपल सेक्रेटरी ने शुक्रवार को सभी कॉलेजों को पत्र भेज बदले हुए नियमों की जानकारी दी है। नियमों में सबसे अहम बदलाव इंटरव्यू के नबंरों को लेकर किया गया है। इंटरव्यू के नंबर पहले 20 होते थे जिन्हें अब कम करके 12.5 कर दिया है। नियमों में बदलाव यूजीसी के चलते भी किया गया है। इससे पहले जो नियम थे वो यूजीसी से नहीं मिलते थे इसलिए काफी समय से मांग की जा रही थी कि नियमों को यूजीसी की गाइडलाइन अनुसार बनाया जाए।

सहायक प्रोफेसर के लिए नए नियम :- 

  • चयन के लिए 100 अंक में से अंक दिए जाते हैं जिन्हें 4 भागों में बांट रखा है।
  • एकेडमिक रिकॉर्ड के पहले भी 50 अंक थे और अब भी उतने ही हैं लेकिन बैचलर डिग्री के इसमें 10 अंक थे जिन्हें अब 5 रख दिया। मास्टर डिग्री के 20 अंक थे जो अब 15 रह गए। मेरिट के 10 अंक थे जो 5 रह गए। कम किए गए अंकों की जगह ग्रेजुएशन में 60 प्रतिशत या इससे अधिक अंकों के लिए 5 अंक अतिरिक्त रखे गए हैं। वहीं नेट, जेआरएफ और पीएचडी वालों के लिए 10 अंक का नया नियम बनाया है।
  • {अध्यापन अनुभव के पहले 30 अंक थे जो अब 37.5 अंक कर दिए हैं। इसमें पब्लिकेशन के 10 से कम हो कर 8 रह गए। रिसर्च प्रोग्राम के 5 अंक थे और 7 हो गए, अतिरिक्त गतिविधियों के 5 से बढ़ाकर 7.5 अंक किए गए हैं। खेल के वही 5 अंक हैं। अनुभव के पहले प्रति 150 दिन पर 1 अंक था जो अब हर एकेडमिक वर्ष पर 1 अंक किया है वहीं प्रति समेस्टर 0.5 अंक रखे हैं।

प्रिंसिपल के लिए ये बदलाव :- 

  • एकेडमिक बैकग्राउंड के पहले 25 अंक थे जिन्हें अब 20 रखा है।
  • अध्यापन अनुभव के 30 अंक से बढ़ाकर 35 अंक कर दिए हैं।
  • रिसर्च प्रोग्राम के अंक 25 से बढ़ाकर 32.5 कर दिए हैं।
  • इंटरव्यू के अंक इनके लिए भी 20 से कम करके 12.5 रखे गए हैं।
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