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HSSC में करप्शन: 28 लाख की डील करने वाले मास्टरमाइंड कपल को पुलिस की क्लीन चिट, एक आरोपी पकड़ा

हरियाणा स्टाफ सलेक्शन कमीशन की कॉन्फिडेंशियल ब्रांच से डाटा लीक कर नौकरी लगाने वाले गिरोह के 8 आरोपियों में से एक आरोपी अनिल को दो दिन के रिमांड के बाद गुरुवार को कोर्ट में पेश किया। इसके बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। इसके साथ ही एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि एचएसएससी के नाम पर या अधिकारियों के साथ सेटिंग कर पहले से ऐसा नेक्सेस चलाया जा रहा था। इसके बाद सीएम फ्लाइंग स्क्वायड टीम ने इस बारे में इनपुट जुटाना शुरू किया है। इसके साथ ही पंचकूला पुलिस ने इस गिरोह के मास्टरमाइंड दंपती को छह शिकायतकर्ताओं में से सिर्फ दो के बयान लेकर ही क्लीन चीट दे दी है।

रुपए देने के बाद भी नौकरी नहीं दिलाई और रुपए भी डकारे

– असल में आरोपी सूरजभान सिंह सोनीपत का रहने वाला हैं। उसकी मुलाकात यहां सोनीपत में साल 2016 में अजीत कुमार से हुई थी, जिस पर उसने नौकरी लगने के बारे में पूछा, तो सूरजभान ने उसे राजबीर से मिलवाया था। राजबीर ने उसे कहा था कि कांग्रेस सरकार में उसका एक रिश्तेदार चेयरमैन रहा है। इसलिए एचएसएससी के अधिकारी जानते हैं, उसका ये काम हो जाएगा।

– इसके चलते वो यहां कालका में राजबीर को रुपए देने के लिए कई बार आए थे। इसके बाद राजबीर, सूरज भान, मुकेश और राजबीर की पत्नी अनिता ने उनकी कई बार मुलाकात हुई थी। रुपए देने के बाद आरोपियों ने अजीत और उसके साथियों को नौकरी नहीं दिलाई और रुपए भी हजम कर लिए।

मामले की दोबारा शिकायत

– इस मामले में कालका पुलिस थाने में सूरजभान, मुकेश कुमार, पंचकूला सेक्टर 19 में रहने वाला राजबीर और उसकी पत्नी अनिता के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। एक शिकायतकर्ता से राजबीर ने संपर्क किया। उससे समझौते का एफिडेविट दिया, लेकिन पंचकूला पुलिस की ओर बाकी शिकायतकर्ताओं से पूछा ही नहीं।

– उसके बाद राजबीर सिंह को क्लीन चीट दे दी गई। इसके बाद अब तक राजबीर और उसकी पत्नी को पकड़ा नहीं गया। ये दोनों हेल्थ डिपार्टमेंट में कार्यरत हैं। वहीं अब इनके एक साथी मुकेश को गिरफ्तार किया गया। उसे कोर्ट से चार दिन के रिमांड पर लिया गया। इस मामले में अब सीएम फ्लाइंग स्क्वायड की टीम इनपुट जुटा रही है।

– एफआईआर के मुताबिक राजबीर ने कहा था कि उसकी एचएसएससी के अधिकारियों के साथ सेटिंग हैं। ऐसे में हाल ही में सामने आए नौकरी लगवाने के नेक्सेस से भी राजबीर के तार जुड़े हो सकते हैं।

– अब दोबारा इनकी शिकायत दी गई है। इसमें पंचकूला पुलिस पर भी सवाल खड़ा किया गया है। इस बारे में पंचकूला पुलिस के डीसीपी मनबीर सिंह ने बताया कि मामला पुराना है पता किया जाएगा। अगर पुलिस ने ऐसी गलती की है तो इनक्वायरी ऑर्डर कर उस स्टाफ पर कार्रवाई भी की जाएगी।

इनसे भी हुई वसूली

– असल में सोनीपत के रहने वाले प्रदीप कुमार को सब इंस्पेक्टर भर्ती करवाने के लिए फर्जी भर्ती करवाई गई। इसके एवज में फर्जी दस्तावेज तैयार करके उससे छह लाख वसूले गए। सोनीपत के गांव सिवांका का रहने वाले कुलदीप कुमार से भी सब इंस्पेक्टर भर्ती करवाने के नाम पर रुपए लिए गए।

– सोनीपत के गांव झाझी के संदीप कुमार को ट्रैकर भर्ती करवाने की डील हुई। फर्जी दस्तावेजों को तैयार किया गया। गोहाना के अजीत कुमार को भी ट्रैकर भर्ती कराने के नाम पर डील की गई थी। सोनीपत के रहने वाले अजय कुमार और नरेंद्र सिंह को भी ट्रैकर भर्ती करवाने के नाम डील की गई थी।

सीएम फ्लाइंग स्क्वायड को दी थी शिकायत

– इस पूरे मामले में सूरजभान, मुकेश कुमार, पंचकूला सेक्टर 19 में रहने वाले राजबीर और उसकी पत्नी की अहम भूमिका रही है। इसके चलते अजीत और उसके साथियों ने इस बारे में सीएम फ्लाइंग स्क्वायड को साल 2016 में शिकायत दी थी।

– अजीत और उसके साथियों ने लोन लेकर, घर वालों के गहनों को गिरवी रखकर करीब 28 लाख राजबीर और उसके साथियों को दिए थे। इसके बाद कालका पुलिस थाने में ये मामला दर्ज किया गया था। अब हाल ही में एचएसएससी का मामला सामने आने के बाद दोबारा अजीत और उसके साथियों ने सीएम फ्लाइंग में शिकायत दी है। इसमें मामले की जांच करने के लिए कहा गया है।

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