8:09 am - Monday September 25, 2017

निगम भर्ती घोटाला : 47 कर्मियों को बर्खास्त करने की तैयारी, 46 सूची पहुंची मुख्यालय

नगर निगम में करीब दो साल से फर्जी तरीके से काम कर रहे 47 सफाई कर्मचारियों की सेवाएं कभी भी समाप्त की जा सकती हैं। इनमें से 46 कर्मचारियों की सूची तैयार हो गई है। केवल एक नाम को स्पष्ट किया जा रहा है। नगर निगम मुख्यालय से सूची चंडीगढ़ भेजी जाएगी। इसके बाद इनकी नौकरी जा सकती है। चौंकाने वाला तथ्य ये है कि मामला उजागर होने के बाद भी इन कर्मचारियों की तनख्वाह जारी की जा रही है।

ऐसे हुआ फर्जीवाड़ा :- दो माह पहले इस मामले को उठाने वाले कर्मचारी नेता सुनील कंडेरा ने सीएम को दी शिकायत में बताया था कि 47 फर्जी सफाई कर्मियों को दो वर्षों से वेतन दिया जा रहा है, जो कभी नगर निगम मुख्यालय आए ही नहीं। इस बात की शिकायत सीएम विंडो पर भी दी गई, लेकिन जांच नहीं हुई। कंडेरा के अनुसार 28 जुलाई 2015 को इस मामले की जांच रिपोर्ट सरकार को भेज दी गई है। उस समय तत्कालीन एडीसी ने इस फर्जीवाड़े की रिपोर्ट बनाई थी और अपनी रिपोर्ट में 47 कर्मचारी फर्जी पाए गए थे। इसकी एक रिपोर्ट नगर निगम में भी भेजी गई थी। इसके बावजूद दो साल से इन कर्मचारियों का वेतन नहीं रोका गया।

कार्रवाई नहीं तो अनिश्चतकालीन धरना :- कंडेरा ने चेतावनी दी है कि अगर इस मामले में जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो 8 मई से अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया जाएगा। इससे पहले कंडेरा दो बार आत्मदाह की चेतावनी दे चुके हैं।

किशोर भर्ती घोटाले का दबाया :- पिछले दिनों नगर निगम में 13 से 16 साल के किशोर की भर्ती का मामला उजागर हुअा था। इसकी सूची कर्मचारी नेता सुनील कंडेरा ने नगर निगम को सौंप दी थी, इसके बाद अभी तक इस मामले में कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी है। निगम अधिकारी इसे काफी पुराना मामला बताते हुए पल्ला झाड़ रहे हैं।

यह है संभावित सूची :- अखिल भारतीय सफाई मजदूर संघ के प्रांतीय महामंत्री सुनील कंडेरा ने दावा किया है कि उन्होंने नगर निगम को ऐसे कर्मचारियों की सूची सौंप दी है। इस सूची में अश्विनी, अशोक, शीला, राखी, सुनील, कृष्णा, अनीता, पूजा, रोहित, बंटी, चंद्रपाल, भागेंद्र, भारत, दिलीप, प्रदीप, रोहन, होतीलाल, विनोद, रजनी, रोहित, मोनू, दलीप, दीप, भारत, सिमलेष, फूलवती, प्रदीप, रोहित, बलवीर, दलीप, सतपाल, विजय, संजय, राहुल, आसीम, प्रेमपाल, सागर, संजय, आजाद, रोहित, सतीश, बलबीर, भोला, सुनीता व श्यामवती का नाम शामिल हैं। इस सूची में फर्जी कर्मचारी कौन हैं? यह खुलासा निगम द्वारा जारी की जाने वाली सूची के बाद ही स्पष्ट होगा। इसलिए दैनिक भास्कर की तरफ से इसे संभावित सूची बताई जा रही है।

इस मामले की जांच जारी है। हमने 47 फर्जी सफाई कर्मचारियों की सूची मांगी थी। इनमें से 46 नाम हमारे सामने आ गए हैं। एक नाम को स्पष्ट किया जा रहा है। इसे स्पष्ट होने के बाद सूची को चंडीगढ़ भेज दिया जाएगा। इसके बाद कार्रवाई तय होगी। जांच पूरी होने से पहले सूची सार्वजनिक नहीं की जा सकती।

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