6:12 am - Friday December 15, 2017

जिप भी कर सकेंगी आउटसोर्सिंग पर भर्तियां, चेयरमैन को मिलेगा 15 हजार हाउस रेंट

हरियाणा में अब जिला परिषदें भी अपने यहां स्टाफ की कमी दूर करने के लिए आउटसोर्सिंग पर भर्तियां कर सकेंगी।

हरियाणा में अब जिला परिषदें भी अपने यहां स्टाफ की कमी दूर करने के लिए आउटसोर्सिंग पर भर्तियां कर सकेंगी। चेयरमैन को परिषद के विशेष फंड से नई गाड़ी खरीदने अथवा टैक्सी किराए पर लेने के अधिकार होंगे। उन्हें सरकारी पीए उपलब्ध कराने के साथ ही मकान किराया भत्ता भी 3000 रुपए से बढ़ाकर 15000 रुपए किया जाएगा। इनके साथ ही जिला परिषदों के अधिकारों में भी बढ़ोत्तरी करने पर विचार किया जा रहा है। मकान किराया भत्ता बढ़ाए जाने के लिए विकास एवं पंचायत विभाग की ओर से वित्त विभाग को प्रस्ताव भिजवाया जा चुका है।

विकास एवं पंचायत मंत्री ने बताया कि जिला परिषदों को और ज्यादा अधिकार दिए जाने को लेकर मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने अपनी सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। वे बुधवार को चंडीगढ़ स्थित हरियाणा निवास में जिला परिषद चेयरमैनों की मीटिंग को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की छोटी सरकार को सक्षम बनाने पर तेजी से काम चल रहा है। जिला परिषद के अध्यक्षों के क्या-क्या अधिकार हैं? वे अपने स्तर पर कौन-कौन से विकास कार्य करवा सकते हैं, इसकी जानकारी विभागीय वेबसाइट पर हिन्दी में प्रदर्शित की जाएगी। उन्होंने बताया कि जिला परिषदों को विकास के लिए अलग से बजट दिया जाएगा। जिला परिषद चेयरमैनों को जिला बाढ़ नियंत्रण बोर्ड का सदस्य भी बनाया जाएगा।

जिला परिषदों को मिलेंगे ये अधिकार :- वे अपने विशेष फंड से नए वाहन खरीद सकेंगे। किराए पर टैक्सी वाहन की सेवाएं भी ले सकेंगे। आउट सोर्सिंग के माध्यम से स्टाफ भर्ती करने की छूट होगी। नए आंगनबाड़ी केंद्र, उप स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण, संचालन और नहरों की सफाई का काम उनकी निगरानी में कराया जाएगा। मिड डे मील प्रोजेक्ट को भी जिला परिषदों के साथ जोड़ने की कोशिश की जाएगी। जिला परिषदों में शीघ्र ही एसडीओ के एक-एक और कनिष्ठ अभियंताओं के दो-दो पद सृजित किए जाएंगे। अगर जिला उपायुक्त जिला परिषद के स्टाफ का उपयोग करना चाहेंगे तो उन्हें इसके लिए पहले चेयरमैन को सूचित करना होगा।

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