10:30 pm - Monday June 18, 2018

प्रसव में बड़ी लापरवाही, डस्टबिन में गिरा नवजात, हालत गंभीर

स्मार्टसिटी फरीदबाद के बीके जिला अस्पताल में प्रसव में घोर लापरवाही का मामला सामने आया है। प्रसव के दौरान प्रसूता को न तो ड्यूटी डॉक्टर ने अटेंड किया और न ही स्टाफ नर्स ने संभाला। दर्द से कराह रही प्रसूता की प्रसव पीढ़ा इतनी बढ़ गई की लेबर रूम में स्ट्रैचर पर बैठी प्रसूता ने बच्चें को जन्म दे दिया और नवजात 3 फीट की ऊंचाई से डस्टबिन में जा गिरा। इससे बच्चे के सिर में गंभीर अंदरूनी चोटें आई हैं, इससे उसे मिर्गी के दौरे पड़ रहे हैं। शिशु रोग विशेषज्ञ ने बच्चे और माता को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में रेफर किया है।

इतना ही नहीं हद तो तब हो गई जब बच्चे की दादी से स्टॉफ नर्स पर प्रसव के नाम पर 2 हजार रुपए मांगें। उन्होंने बताया कि नर्स ने परिजनों से 1 हजार रुपए लेने के बाद ही प्रसूता को लेबर रूम में घुसाया। पूरा मामला पहले तो चिकित्सालय प्रशासन छुपाता रहा, लेकिन दोपहर बाद जब मीडिया के सामने आया तो अस्पताल के पीएमओ डॉ. सुखबीर सिंह ने मामले की जांच के आदेश दे दिए और जांच अधिकारियों को दो दिन में रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं।

उल्लेखनीय है कि बीके अस्पताल में बच्चे की डिलेवरी में लापरवाही का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले 27 मई 2017 को भी पलवल के नांगला गांव से रेफर होकर आई सोनवती (25) ने स्ट्रैचर नहीं मिलने पर बच्चें को बीके अस्पताल की लिफ्ट में जन्म दे दिया था। इसे समय भी नवजात दो फीट की ऊंचाई से जमीन पर गिर गया था, उसे भी गंभीर हालत में दिल्ली के लिए रेफर किया गया था। वहीं आए दिन बीके अस्पताल की नर्सों पर प्रसव के नाम पर पैसे लेने के आरोप लगते रहे हैं लेकिन चिकित्सालय प्रशासन इन मामलों में जांच को खानापूर्ति कर निपटा देता है।

यह है मामला 
फरीदाबाद के तिगांव निवासी कोमल (22) पत्नी सुखबीर जाटव के प्रसव पीढ़ा होने पर परिजन उसे बीके अस्पताल लेकर पहुंचे थे। ड्यूटी डॉक्टर अपर्णा ने उसे देखा और भर्ती कर लिया। स्टाफ नर्स ने परिजनों से 1 हजार रुपए लेने के बाद लेबर रूम में लिया, लेकिन लेबर रूम में न तो डॉक्टर देखा और न ही स्टॉफ नर्स मौजूद रही। ऐसे में प्रसूता की प्रसव पीढ़ा और बढ़ गई, इससे उसने स्ट्रेचर पर बैठे-बैठे ही बच्चें को जन्म दिया, जन्म होते ही सार संभाल के अभाव में बच्चा साढ़े 3 फीट की ऊंचाई से डस्टबिन में सिर के बल गिर गया। प्रसूता के शोर मचाने पर स्टॉफ नर्स और डॉक्टर दौड़ कर आई। तब तक बच्चें के सिर में चोटें आ चुकी थी। प्रसूता की सास फाला देवी और जेठ हरीश ने बताया कि नवजात को बेसुध हालत में निक्कु-पिक्कु वार्ड में 3 नम्बर वार्मर में भर्ती किया गया। शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. मेधा ने बताया कि बच्चे के सिर में चोट आने से उसे मिर्गी के दौरे पड़ रहे हैं, जिससे उसे गंभीर हालत में दोपहर डेढ़ बजे दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल के लिए रैफर किया गया है।

पीएचसी में बताया ऑपरेशन, अस्पताल में हुआ नॉर्मल 
पीएचसी पर भी प्रसताओं को सही इलाज नहीं मिल रहा है। इसकी बानगी कोमल के केस में देखे को मिली परिजन जब उसे फरीदाबाद के सेक्टर-3 के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में डिलीवरी के लिए ले गए तो चिकित्सा कर्मियों ने सही तरह से नहीं देखा और उसे यह कहकर बीके अस्पताल रेफर कर दिया गया कि उसका ऑपरेशन होगा, लेकिन अस्पताल में उसे नॉर्मल प्रसव हो गया।

पीएमओ, बीके अस्पताल डॉ. सुखबीर सिंह ने कहा कि  मामला हमारे सामने आया है हमने डॉ. रचना और एक वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ को जांच कर दो दिन में रिपोर्ट सौंपने को कहा है। साथ ही उस नर्स पर भी कार्रवाई की जाएगी जिसने परिजनों से प्रसव के नाम पर 2 हजार रुपए मांगे और 1 हजार रुपए ले लिए।

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