3:43 am - Friday April 20, 2018

हरियाणा बजट : सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों का भी सरकार ने रखा ख़याल

चंडीगढ़, 9 मार्च- अपने बजट में नई पहलों को शामिल करने की अपनी पूर्व प्रथा को आगे बढ़ाते हुए हरियाणा के वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने आज यहां राज्य विधानसभा में वर्ष 2018-19 के लिए अपना बजट अनुमान प्रस्तुत करते हुए बेहतर वित्त प्रबन्धन के लिए कुछ और पहलों को सूचीबद्ध किया और राज्य सरकार के कर्मचारियों को कैशलेस मेडिकल सुविधा प्रदान की।

कैप्टन अभिमन्यु ने कहा कि सरकार ने 30 नवंबर, 2017 को सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए सीमित कैशलेस मेडिकल सर्विसिज स्कीम शुरू की है। यह योजना वर्तमान में 6 प्राणघातक अवस्थाओं, नामत: हृदय सम्बन्धी आपात स्थितियों, दुर्घटनाओं, तीसरे और चौथे चरण के कैंसर, कोमा, मस्तिष्क रक्तस्राव और करंट लगने, के लिए लागू है। कैशलेस मेडिकल सुविधा की 5 लाख रुपये प्रति दाखिला की ऊपरी सीमा भी हटा ली गई है।

वित्त मंत्री ने कहा कि राज्य के अंदर और बाहर सरकारी भूमि/संपत्तियों की पहचान करने के लिए एक एस्सेट मैनेजमेंट सैल बनाया गया है। इसने अब तक 24109 सरकारी संपत्तियों की पहचान की है। उन्होंने कहा, ‘‘मैं वर्ष 2018-19 में इन संपत्तियों के मुद्रीकरण से 1000 करोड़ रुपये जुटाने का प्रस्ताव करता हूँ।’’

सरकार ने हरियाणा स्टेट फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड के नाम से एक नई गैर-बैंकिंग वित्तीय कम्पनी की स्थापना को स्वीकृृति प्रदान की है, जोकि सार्वजनिक उद्यमों, हरियाणा के स्वायत्त निकायों और अन्य राज्य संस्थाओं की अधिशेष निधियों के कुशल प्रबंधन के लिए आंतरिक खजाना प्रबंधक के रूप में कार्य करेगी। इस कम्पनी के वर्ष 2018-19 की प्रथम तिमाही में चालू होने की संभावना है।

बैंक खातों में पड़ी अप्रयुक्त धनराशि का उपयोग करके सरकारी धनराशि के बेहतर प्रबन्धन के लिए सरकार ने विभागों और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों सहित स्वायत्त निकायों को अप्रैल, 2018 से केवल एक या दो प्रमुख बैंक खाते संचालित करने की अनुमति देने का निर्णय लिया है। वित्त मंत्री ने कहा कि अन्य बातों के साथ-साथ, इसका अर्थ है कि धनराशि के कुशल उपयोग के लिए सभी शेष बैंक खातों को एक या दो खातों में समेकित करना होगा।

वित्तीय समावेश का जिक्र करते हुए कैप्टन अभिमन्यु ने सभी योजनाओं और उनके तहत हुई प्रगति के बारे में जानकारी दी।

प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत, अगस्त, 2014 में इसके शुरू होने के बाद से 31 दिसम्बर, 2017 तक 64.54 लाख जन धन खाते खोले गये। ग्रामीण क्षेत्रों में 31.64 लाख और शहरी क्षेत्रों में 32.90 लाख खाते खोले गए तथा 58.26 लाख रूपे कार्ड जारी किए गये।

बैंकों द्वारा 31 दिसंबर, 2017 तक प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के तहत 27,94,368, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के तहत 8,53,218 तथा अटल पेंशन योजना के अंतर्गत 1,49,896 लोगों को नामांकित किया गया।

प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत, चालू वित्त वर्ष के दौरान दिसम्बर, 2017 तक 1,35,784 लाभार्थियों को 2051.76 करोड़ रुपये की राशि वितरित की गई, जिसमें से 407.02 करोड़ रुपये, 50,770 महिला लाभार्थियों को तथा 150.74 करोड़ रुपये अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के 29605 लाभार्थियों को वितरित किए गये। मुद्रा योजना के तहत, इस योजना के शुरू होने से लेकर 8 अप्रैल, 2015 से 31 दिसम्बर, 2017 तक सभी तीनों श्रेणियों नामत: शिशु, तरूण व किशोर में 4,72,380 लाभार्थियों को 5832.83 करोड़ रुपये वितरित किए गए हैं।

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