8:27 pm - Monday December 11, 2017

ग्रुप-डी की नौकरियों के लिए 8वीं पास और ग्रुप-सी के लिए कंप्यूटर डिप्लोमा जरूरी

ग्रुप-डी के लिए कम से कम 8वीं पास ग्रुप-सी के लिए विभागीय योग्यता के अलावा कंप्यूटर में दक्षता की राज्य योग्यता पात्रता परीक्षा (एसईटीसी) अनिवार्य कर दी है। मुख्य सचिव डीएस ढेसी की प्रशासनिक सचिवों के साथ बैठक में सोमवार को यह फैसला लिया गया। मुख्य सचिव ने सभी सचिवों को निर्देश दिए कि वे अपने विभागों के सेवा नियमों में यह संशोधन अवश्य कर लें। अब परीक्षा के आधार पर ही भर्ती होगी। साक्षात्कार पहले ही खत्म किए जा चुके हैं। इस फैसले से ग्रुप-डी में डीसी रेट, अनुबंध पार्ट टाइम के तौर पर काम कर रहे करीब 11 हजार कर्मचारी प्रभावित होंगे। मुख्य सचिव ने कहा कि सेवा नियमों में संशोधन विभाग अपने स्तर पर ही करेगा। इसके लिए उन्हें सीएमएम, सामान्य प्रशासनिक विभाग एवं वित्त विभाग से अनुमति की आवश्यकता नहीं है। यह संशोधन विधि विभाग से सत्यापित कराकर ही किए जा सकेंगे।

क्लर्क के पद को छोड़कर अन्य पदों के संबंध में एसईटीसी लागू नहीं होगी। ऐसे कर्मचारी, जिन्होंने पहले ही कंप्यूटर की डिग्री हासिल कर ली है या उम्मीदवार ने एनआईईएलआईटी, एचकेसीएल जैसे संस्थानों या सरकार द्वारा प्राधिकृत किसी अन्य एजेंसी से कंप्यूटर में कोर्स किया है, तो उसे राज्य पात्रता परीक्षा सेे छूट होगी।

इसके अलावा कंप्यूटर में एमटेक, बीटेक (कंप्यूटर्स), एमसीए, बीसीए और राजकीय बहुतकनीकी संस्थानों, एचकेसीएल, हारट्रोन डीओईएसीसी (एनआईईएलआईटी) इत्यादि से कंप्यूटर में डिप्लोमा करने वाले उम्मीदवारों को भी एसईटीसी से छूट देना जारी रहेगा।

प्रदेश में करीब 65 हजार पद ग्रुप-सी के हैं, लेकिन स्थाई तौर पर 50% पद ही भरे हुए हैं। मिनिस्ट्रियल स्टाफ एसोसिएशन के महासचिव सतीश सेठी का कहना है कि सरकार योग्यता ही बदल रही है, नौकरी नहीं दे रही।

चयन समितियां भंग
सरकार ने ग्रुप-डी पदों की रिक्तियों पर साक्षात्कार संचालित करने के लिए गठित चयन समितियां भी भंग करने का निर्णय लिया है। इनमें सिटी मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता वाली चयन समिति संख्या 1 तथा जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी की अध्यक्षता में गठित चयन समिति संख्या-2 शामिल हैं।
– प्रदेश में 1986-87 में करीब 80 हजार कर्मचारी ग्रुप डी के थे, लेकिन अब करीब 47 हजार ही हैं। आउटसोर्स से इन पदों पर काम चलाया जा रहा है। हरियाणा राज्य चतुर्थ श्रेणी सरकारी कर्मचारी यूनियन के कोषाध्यक्ष धर्मवीर सिंह फौगाट का कहना है कि सरकार योग्यता ही बढ़ा रही है, लेकिन 1995 के बाद स्थाई भर्ती इस ग्रुप के लिए नहीं की।
– स्वीपर एवं चौकीदार के लिए हिंदी और अंग्रेजी की जानकारी चाहिए थी। चपरासी के लिए 8वीं पास होना अनिवार्य था। सिंचाई विभाग में कैनाल गार्ड के लिए 12वीं पास के साथ पुलिस की तरह शारीरिक योग्यता भी अनिवार्य है। बेलदार के लिए 8वीं पास के साथ कंप्यूटर का ज्ञान अनिवार्य है।
– ग्रुप-डी की भर्तियों के लिए जिन विभागों में न्यूनतम योग्यता में केवल हिन्दी एवं अंग्रेजी की जानकारी अनिवार्य है, उनमें अब न्यूनतम योग्यता मिडिल पास की गई है। वहीं, जिन विभागों में अभी 10वीं या 12वीं पास होना जरूरी है, वे उसी प्रकार रहेंगी।

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