2:46 am - Friday January 20, 2017

बेरोजगारी की मार से बेहाल हरियाणवी युवावर्ग

युवाओं के सामने आज सबसे बड़ी समस्या रोजगार की है। सरकार अपने वादो से मुकर रही है तो क्षेत्र में रोजगार के लिए संस्थान आदि का अभाव है। यही कारण है कि योग्यता के बावजूद हजारों की संख्या में बेरोजगार युवा भटकने को मजबूर हैं। कुछ इसी प्रकार की बेरोजगारी की परेशानी से जूझ रहे युवाओं ने रोजगार के लिए उचित कार्ययोजना बनाने के ठोस नीति बनाने पर जोर दिया है। उनका कहना है कि पुरानी शिक्षा प्रणाली और सरकारी विभागों में कर्मचारियों की कमी के बावजूद नई नियुक्तियां नहीं होने से हजारों की संख्या में बेरोजगार योग्यता के बावजूद दर दर की ठोकरें खाने को मजबूर हैं।

चुनाव आते ही सरकार युवाओ के वोट के लिए तरह तरह की वादे तो कर देती हैं लेकिन फिर भूल जाती हैं।सारे समस्याओं की जड़ हैं बेरोजगारी ।

  • हजारों की संख्या में बेरोजगार युवा भटकने को मजबूर ।
  • हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग 10-12 माह का समय गुजर जाने के बाद भी परीक्षा परिणाम घोषित करने में नकारा साबित ।
  • सीएम विंडो से भी हरियाणवी बेरोजगार युवावर्ग को कोई सन्तोष जनक जवाब नहीं।

शायद माननीय मुख्यमंत्री साहब को इस बात का अंदेशा नहीं है कि अब तो विंडो से कुछ भी जवाब दे लेकिन वोट के लिए तो बेरोजगार युवाओ के दरवाजे पर दस्तक देना पड़ेगा

रोहित , भिवानी :- मेरी नजर में प्रमुख मुद्दा बेरोजगारी है। स्नातक और स्नातकोत्तर की पढ़ाई पूरी करने के बाद भी रोजगार नहीं मिलने से उन जैसे सैकड़ों युवा मानसिक परेशानी के दौर से गुजर रहे हैं। इसके लिए सरकार और राजनीतिक दलों के नेताओं को ठोस नीति बनानी चाहिए।

प्रवीण कुमार, मूंदी :- मेरी नजर में शिक्षा में सुधार नहीं होना प्रमुख मुद्दा है। ग्रामीण क्षेत्रों में सुविधाओं के अभाव में युवाओं को शहर की ओर रुख करना पड़ता है। लंबी दूरी की यात्रा करने भारी भरकम फीस देने के बाद प्राप्त शिक्षा का अनुभव न तो रोजगार में सहायक हो रहे हैं और न ही ग्रामीण क्षेत्रों का विकास हो पा रहा है। इस पर ठोस कार्ययोजना बनाए जाने की जरूरत है।

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