8:07 am - Monday September 25, 2017

हरियाणा सरकार 34 हजार पदों पर भर्ती के लिए विशेष मुहिम का DNA टेस्ट

तृतीय व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के खाली पदों को भरना सरकार के गले की फांस बन गया है। इन पदों को भरने पर न तो कोई कानूनी रुकावट है और न ही कोई अन्य किसी प्रकार का रोड़ा, फिर भी ढाई वर्षों से सरकार केवल ढिंढोरा ही पीटे जा रही है। अब एक बार फिर से शिगूफा छोड़ दिया गया है कि चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के लगभग 34 हजार खाली पदों को विशेष भर्ती अभियान चलाकर भरा जाएगा।

सरकार के मंत्रियों में ही एक राय नहीं है। ऐसे में सरकार खुद के ही फैसलों को बार-बार पलट रही है। पहले फैसला लिया गया कि तृतीय व चतुर्थ श्रेणी के 50 हजार से अधिक खाली पदों पर जिलावार भर्ती की जाएगी। यानी इन पदों पर संबंधित जिले के युवाओं को ही रोजगार में प्राथमिकता मिलेगी। कुछ माह पहले इसे भी पलट कर फैसला लिया गया कि तृतीय व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की भर्ती हरियाणा राज्य कर्मचारी चयन आयोग से करवाई जाएगी। मंगलवार को मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में हुई मंत्रीसमूह की साप्ताहिक बैठक में एक बार फिर से इसी मुद्दे पर चर्चा हुई।

बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने कहा, चतुर्थ श्रेणी के 34 हजार से अधिक खाली पदों को विशेष भर्ती अभियान के जरिये भरा जाएगा। वहीं एक अन्य मंत्री ने दैनिक ट्रिब्यून से बातचीत में कहा, बैठक में तृतीय व चतुर्थ श्रेणी के 27 हजार से अधिक पदों पर जिलावार भर्ती करने पर चर्चा हुई है। मंत्री से जब इस बारे में विस्तार से बताने को कहा गया तो उन्होंने कहा, इस बारे में सरकार ने वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु, कृषि मंत्री ओपी धनखड़ व स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज की कमेटी बनाई हुई है। बैठक में जिलावार भर्ती के लिए फार्मूला निकालने को कहा गया है। जब उनसे पूछा गया कि यह फार्मूला क्या हो सकता है तो उन्होंने कहा, पहले तो यह तय हो कि भर्ती करनी भी है या नहीं। फार्मूला तो उसके बाद ही लागू होगा।

जब देवी लाल ने किया था एक एसडीओ सस्पेंड :- मंत्रिसमूह की मंगलवार को हुई साप्ताहिक बैठक कम समय ही चली। बैठक में चुटकले भी सुनाए गए और चुटकियां भी ली गईं। पूर्व उपप्रधानमंत्री स्व. चौधरी देवीलाल के कार्यकाल के किस्से पर मंत्रियों ने ठहाके लगाए। सूत्रों के अनुसार एक मंत्री ने यह किस्सा सुनाया। उनके मुताबिक मुख्यमंत्री पद पर होते हुए देवीलाल ने शिकायत के आधार पर एक एसडीओ को सस्पेंड कर दिया। बाद में अधिकारियों ने बताया कि सस्पेंड दूसरे एसडीओ को करना था, यह तो गलत काम हो गया। इस पर देवीलाल ने कहा, अब दूसरे को कहां खोजेंगे, जिसे सस्पेंड कर दिया उसे ही रहने दो। यह किस्सा देवीलाल की सादगी पर सुनाया गया था। इसी दौरान एक मंत्रीजी जब बाॅथरूम के लिए उठे तो दूसरे मंत्री ने चुटकी लेते हुए कहा, मंत्रीजी कहीं आप बैठक का बहिष्कार करके तो नहीं जा रहे हैं। इस पर सीएम सहित बैठक में मौजूद रहे सभी मंत्री अपनी हंसी को रोक नहीं सके।

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