2:38 pm - Wednesday October 18, 2017

इस बार आसान नहीं होगा बोर्ड एग्जाम में चीटिंग करना, HBSE के सख्त निर्देश

सात मार्च से शुरू हो रही सालाना परीक्षा में नकल पर लगाम लगाने के लिए हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड इस बार कुछ नए तरीके अपनाएगा। पेपर शुरू होने से पहले केंद्र के एंट्री प्वाइंट पर प्रतिदिन हर बच्चे की तलाशी ली जाएगी। इसके बाद केंद्र के भीतर दो या इससे ज्यादा पर्ची मिली तो पर्यवेक्षक के खिलाफ कार्रवाई होगी। इस दफा हर बच्चे को स्कूल ड्रेस में ही परीक्षा देने आना होगा।

वीरवार को शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन डॉ. जगबीर सिंह व सेक्रेटरी अनिल नागर और प्रदेश के सभी डीईओ के साथ हुई वीडियो कांफ्रेंसिंग में राज्य स्कूल शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव पीके दास ने यह जानकारी दी। दास ने हिदायत दी कि हर परीक्षार्थी की तलाशी के बाद ही परीक्षा भवन में प्रवेश की अनुमति होगी। पर्यवेक्षकों को भी प्रतिदिन केंद्र अधीक्षक को लिखकर देना होगा कि सभी विद्यार्थियों की तलाशी ली गई है और मोबाइल प्रमुख केंद्र अधीक्षक के पास जमा करवा दिया है।

परीक्षा के दौरान जिस पर्यवेक्षक के कक्ष में दो या इससे अधिक पर्ची मिली तो उसके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी। बोर्ड परीक्षाओं के दौरान नियमित विद्यार्थी के लिए स्कूल यूनिफार्म अनिवार्य की गई है। यूनिफार्म के साथ विद्यालय का पहचान-पत्र भी अनिवार्य है। एडमिट कार्ड पर रंगीन फोटो लगाकर सत्यापित भी कराना होगा।

पैनी निगाह रखने के निर्देश दिए गए हैं

बोर्ड प्रश्न-पत्र उड़नदस्तों व आरएएफ व एसटीएफ के अतिरिक्त, बोर्ड अध्यक्ष, बोर्ड सचिव, जिला शिक्षा अधिकारी, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों, एसडीएम व जिला उपायुक्त के उड़नदस्तों को परीक्षा केंद्रों पर पैनी निगाह बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मूल्यांकन के दौरान काफी परीक्षकों द्वारा अंकों को अवार्ड सूची में गलत भरा जाता है जिससे परीक्षार्थियों का परिणाम गलत घोषित होता है। इस प्रकार की गलती पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। मूल्यांकन कार्य के निरीक्षण के लिए भी उड़नदस्ते गठित किए जाएंगे।

केंद्र छोड़ने से पहले पुलिस कर्मी को अधीक्षक से लेनी होगी रिलीविंग :- अतिरिक्त मुख्य सचिव ने कहा कि परीक्षा केंद्रों पर हस्तक्षेप रोकने के लिए पुलिस का प्रबंध होगा तथा ड्यूटी पर तैनात सभी पुलिस कर्मी किसी भी अवस्था में केंद्र अधीक्षक द्वारा रिलीविंग दिए बिना केंद्र नहीं छोड़ेंगे। उन्होंने कहा कि परीक्षा के दौरान धारा-144 सुनिश्चित कराना तथा पुलिस का प्रबंध कराने की जिम्मेदारी डीईओ की होगी।

डीईओ उड़नदस्ते में महिला सदस्य जरूरी :- दास ने हिदायत दी कि परीक्षाओं में हर डीईओ उड़नदस्ते में एक महिला सदस्य की नियुक्ति अवश्य की जाए तथा जिला शिक्षा अधिकारी स्वयं भी परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण करना सुनिश्चित करें। उन्होंने बताया कि संवेदनशील एवं अतिसंवेदनशील केंद्रों पर शिक्षा बोर्ड द्वारा माइक्रो-ऑबजर्वर लगाए जाएंगे। प्रत्येक उड़नदस्ते को तीन घंटे की परीक्षा के दौरान किसी भी एक केंद्र पर ओपनिंग तथा एक केंद्र पर क्लोजिंग जरूरी है।

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