5:27 am - Saturday March 25, 2017

हरियाणा पुलिस भर्ती कद और छाती साइंटिफिक तरीके से मापी जाए और रिकार्डिंग स्लिप उम्मीदवार को मिले: हाईकोर्ट

पुलिस समेत सभी भर्तियों में कद और छाती के माप साइंटिफिक तरीके से लिया जाए। पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने इस संबंध में कोर्ट पहुंचे कई विवादों को देखते हुए निर्देश दिए कि सार्वजनिक रूप से छाती और कद का माप साइंटिफिक इंस्ट्रूमेंट से लेकर हरियाणा स्टाफ सलेक्शन कमीशन रिकार्डिंग स्लिप पर अपनी मोहर लगाकर उम्मीदवार को यह ब्यौरा सौंपे।

जस्टिस आरएन रैना ने कहा कि इससे आगे चलकर कोई विवाद की स्थिति नहीं रहेगी और उम्मीदवारों के लिए यह विश्वसनीय होगी। कोर्ट ने इस संबंध में एक याचिका को स्वीकार करते हुए याची का सात दिन में दोबारा कद मापने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने इसके लिए हरियाणा स्टाफ सलेक्शन कमीशन और राज्य की दूसरी भर्ती एजेंसियों को निर्देश दिया कि वे डिजिटल स्टेडियोमीटर रखें जिससे उम्मीदवारों के सही कद का माप लिया जा सके। कोर्ट ने कहा कि पब्लिक सर्विस में भर्ती के लिए अक्सर कद का माप लिया जाता है। साइंटिफिक तरीके से कद मापने से आवेदक की मिलीमीटर हाइट तक की जानकारी दी जाए, जिससे भविष्य में इस तरह के विवाद कोर्ट में न पहुंचे। कद का माप स्टेडियोमीटर और छाती का माप रेस्पिरेटरी मूवमेंट मेजरिंग इंस्ट्रूमेंट (आरएमएमआई) से लेने पर डाउट फ्री मेडिकल चेकअप किया जा सकेगा। यह इंस्ट्रूमेंट बाजार में उपलब्ध है और आसानी से लिए जा सकते।

हरियाणा पुलिस में कांस्टेबल भर्ती को लेकर एक आवेदक सोनू सिंह ने याचिका दायर कर कहा कि उसका कद मापने के बाद उसे अयोग्य करार दे दिया गया, जबकि उसका कद योग्यता को पूरा करने वाला है। भर्ती के लिए 172 सेंटीमीटर कद की मांग की गई। शारीरिक परीक्षा में कद मापने के बाद कहा गया कि उसका कद 171.9 सेंटीमीटर है। ऐसे में वह तय योग्यता पूरी नहीं करता। याची ने दावा किया कि उसका कद भर्ती के मानदंड पूरा करता है। ऐसे में जानबूझकर उसे अयोग्य ठहराया गया। इस संबंध में उसने रिप्रेजेंटेंशन भी दी और दोबारा कद मापने की मांग की लेकिन इसे स्वीकार नहीं किया गया।

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