10:35 pm - Wednesday December 13, 2017

हाईकोर्ट ने रद्द की HCS (जे.बी.) प्री-लिमिनेरी परीक्षा

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने एच.सी.एस. (ज्यूडीशियल ब्रांच) की हाल ही आयोजित हुई परीक्षा को रद्द कर दिया है। प्री-लिमिनेरी परीक्षा में पेपर लीक की बात सामने आने के बाद हाईकोर्ट ने इन-हाऊस कमेटी की सिफारिशों के बाद यह निर्णय लिया है। सब-ओर्डिर्नेटज ज्यूडीशियरी में 109 पदों पर भर्ती को लेकर यह परीक्षा आयोजित की गई थी। हरियाणा पब्लिक सर्विस कमीशन के जरिए पंजाब एंड हरियाणाा हाईकोर्ट कमेटी ने इन पदों को भरने के लिए आवेदन मांगे थे।

परीक्षा के आयोजन के बाद सुमन नामक याची ने पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने याचिका दायर कर पेपर लीक के आरोप जड़े थे। सुमन के मुताबिक वह सुशीला और सुनीता नामक 2 कैं डीडेट्स के सम्पर्क में आई जो पेपर लीक से जुड़ी थी। सुमन के मुताबिक पेपर से एक दिन पहले उन्हें खुद को 2 सवाल बताए गए थे। पेपर प्रदान करने के लिए 1 करोड़ रुपए की मांग की गई थी। हाईकोर्ट ने पाया कि सुनीता जनरल कैटेगरी में टॉपर थी जबकि सुशीला भी रिजर्व कैटैगरी में टॉप पर थी। इससे पहले हाईकोर्ट की रिकू्रटमैंट/ प्रोमोशन/ कोर्ट क्रिएशन कमेटी ने रजिस्ट्रार (रिक्रूटमैंट) डा. बलविंद्र शर्मा सहित मामले से जुड़ी सुनीता और सुशीला पर केस दर्ज करने की सिफारिश की थी। कमेटी ने मामले में प्रथम दृष्टता के आधार पर पाया कि कु छ कैंडीडेट्स को क्वेश्यचन पेपर एक्सैस हो गए थे। ऐसे में कमेटी ने 16 जुलाई, 2017 को हुई एच.सी.एस. (जे.बी.) की प्री-लिमिनेरी एग्जाम को रद्द करने की सिफारिश की थी।

वहीं, पाया गया कि डॉ. बलविंद्र शर्मा और सुनीता के बीच पिछले एक वर्ष में 760 कॉल्स और मैसेज का आदान-प्रदान हुआ है। ऐसे में डा. शर्मा के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश रिपोर्ट में की गई थी। हाईकोर्ट ने रजिस्ट्रार (विजीलैंस) को कहा था कि इस स्तर पर मामले में शामिल सभी लोगों के मोबाइल कनैक्शंस के सर्विस प्रोवाइडर्स को निर्देश जारी करें कि सभी कॉल्स, मैसेज व डाटा (यदि उपलब्ध हो) तो संरक्षित कर रखें।

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