2:44 pm - Wednesday October 18, 2017

असिस्टेंट प्रोफैसर के पेपर में मोबाइल से कर रहा था नकल, रोहतक का युवक काबू

हरियाणा पब्ल्कि सर्विस कमीशन की ओर से रविवार को असिस्टैंट प्रोफैसर (हिंदी) पद के लिए लिखित परीक्षा रखी गई थी। परीक्षा के लिए पंचकूला के कई स्कूलों में सैंटर बनाए गए थे। इसी क्रम में सैक्टर-21 स्थित दून पब्लिक सीनियर सकैंडरी स्कूल में सुबह करीब साढ़े 10 बजे पेपर शुरू हुआ। पेपर खत्म होने से करीब 25 मिनट पहले एक युवक मोबाइल फोन से नकल करता हुआ पकड़ा गया। खुद को बचाने के लिए पेपर बीच में ही छोड़कर वह युवक स्कूल की दूसरी मंजिल से नीचे भागा लेकिन गेट पर खड़े सिक्योरिटी गार्ड व पुलिस ने उसे दबोच लिया।

पकड़े जाने के बाद खुलासा हुआ कि वह मोबाइल फोन से नकल कर रहा था। पकड़े गए युवक संदीप कुमार रोहतक (हरियाणा) का रहने वाला है। पुलिस ने स्कूल की तरफ से मिली लिखित शिकायत के आधार पर युवक के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। मोबाइल भी कब्जे में ले लिया। पुलिस को स्कूल प्रशासन के साथ-साथ सोनीपत के सैक्टर-12 से पेपर देने के लिए आए संदीप कुमार ने भी पेपर में एक परीक्षार्थी द्वारा मोबाइल से नकल करने की शिकायत दी है, जिसमें स्पष्ट लिखा है कि इसका असर रिजल्ट पर पड़ेगा।

जुराब में छिपाकर मोबाइल फोन ले गया था सैंटर में :- रविवार सुबह साढ़े 10 बजे लिखित परीक्षा शुरू हुई। इससे पहले गेट पर चैकिंग के बाद ही परीक्षार्थियों को सैंटर में प्रवेश करने दिया गया। स्कूल की दूसरी मंजिल पर कमरा नंबर-7 में बने सैंटर में पेपर शुरू हुआ। मोबाइल फोन से नकल मारने के चक्कर में आरोपी संदीप कुमार दो बार शौचालय गया। इस पर ड्यूटी पर तैनात टीचर को शक हुआ, लेकिन जब संदीप के पीछे बैठे पेपर दे रहे सोनीपत के सैक्टर-12 में रहने वाले संदीप कुमार ने शोर मचाया।

तब मामले का खुलासा हुआ कि संदीप मोबाइल फोन की मदद से नकल कर पेपर दे रहा है। पकड़े जाने के डर से टीचर को धक्का मारकर आरोपी संदीप सीढिय़ों से नीचे की तरफ भागा। स्कूल के ट्रांसपोर्ट इंचार्ज गुरविंदर सिंह को भी उसने रास्ते में धक्का मारा लेकिन गेट पर आरोपी युवक को दबोच लिया गया। स्कूल में ही मौजूद एच.पी.एस.सी. की तरफ से लगाए गए ऑब्जर्वर विशाल पराशर को पूरे मामले से अवगत करवाया गया।

मीडिया से स्कूल पिंसीपल ने की बदसलूकी :- हालांकि पेपर की वजह से पुुलिस वहां पर मौजूद थी लेकिन पेपर में नकल मार रहे युवक को पकडऩे के बाद पुलिस चौकी को इसके बाबत स्कूल प्रशासन की तरफ से सूचना दी गई। सूचना मिलने पर मौके पर चौकी इंचार्ज व अन्य पुलिस अधिकारी पहुंचे। इसी दौरान मीडिया कर्मी भी वहां पर पहुंचे लेकिन प्रिंसिपल ने स्कूल के भीतर वीडियो बनाने को लेकर आपत्ति जताई गई और झूठा आरोप भी लगाया। मीडिया वहां पर इकट्ठा हुआ और स्कूल के सामने जाम लगाया। काफी देर बाद प्रिंसीपल ने अपनी गलती स्वीकार की।

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