5:04 pm - Monday May 29, 2017

क्लर्क भर्ती पेपर लीक : 25 दिन में 7 गिरफ्तारी; आंसर-की कितनों तक पहुंची फिर भी पता नहीं

मॉडल टाउन के करुणा मांटेसरी पब्लिक स्कूल से हरियाणा स्टाफ सलेक्शन कमीशन के क्लर्क भर्ती पेपर लीक मामले में स्कूल की भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है। परीक्षा के नोडल अधिकारी व पेपर लीक के बाद केस के जांच अधिकारी एसडीएम विवेक चौधरी ने अपनी जांच रिपोर्ट डीसी को सौंप दी है। जिसमें पेपर लीक कराने में भाजपा नेता के स्कूल की भूमिका संदिग्ध बताई गई है। उधर, 25 दिन से आईजी क्राइम सौरभ सिंह के नेतृत्व में जांच कर रही एसआईटी अभी तक किसी निर्णय पर नहीं पहुंच पाई है। जबकि एसपी भिवानी खुद यह बात कह चुके हैं कि मास्टरमाइंड पवन सैनी समेत 4 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। यही नहीं अब तक यह खुलासा भी नहीं हो पाया है कि पेपर लीक होने के बाद आंसर-की कितने परीक्षार्थियों तक पहुंची।पेपर देने वाले 7 लाख परीक्षार्थियों को अभी तक यह पता नहीं चल पा रहा कि पेपर रद्द होगा या नहीं।

11 दिसंबर को क्लर्क भर्ती परीक्षा के पेपर की आंसर की भिवानी से पकड़ी गई। जिसके बाद पेपर लीक होने की आशंका जताई गई। सरकार ने भिवानी पुलिस की एक एसआईटी बना दी। मामले की जांच में पता चला कि पेपर पानीपत के करुणा मांटेसरी स्कूल से लीक हुआ था। पेपर लीक स्कूल के ही पीटीआई पवन सैनी ने किया था। मामले में भिवानी पुलिस ने पानीपत में भी कई बार जांच की और पवन सैनी समेत कुल सात आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

भाजपा नेता के स्कूल की है भूमिका, इसलिए टाल रहे मामला :- धीरे-धीरे परीक्षार्थियों का सब्र टूटने लगा है। परीक्षार्थियों का कहना है कि मामले में जल्द से जल्द कोई निर्णय हो जाना चाहिए। भर्ती बोर्ड सदस्यों का कहना है कि हमें टीम की जांच रिपोर्ट नहीं मिली। परीक्षार्थियों के आरोप है कि पेपर लीक जिस स्कूल से हुआ वो भाजपा नेता का है, इसलिए न तो पुलिस, न जिला प्रशासन और न ही सरकार कुछ करना चाहती।

पानीपत के एसडीएम बोले-स्कूल की भूमिका संदिग्ध :- मामले में जिला प्रशासन की तरफ से एसडीएम विवेक चौधरी ने जांच की थी। वो जांच रिपोर्ट भी दे चुके हैं लेकिन अभी तक जिला प्रशासन की तरफ से रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई। एसडीएम ने बताया कि उन्होंने स्कूल में जाकर जांच की और समय पर इसकी रिपोर्ट भी दे दी। मामले में हमारी भूमिका पेपर हमारे पास आने से लेकर पेपर स्कूल तक पहुंचाने की है। इसमें कहीं भी कोई गड़बड़ी नहीं मिली। यह बात सही है कि पेपर स्कूल के अंदर से पीटीआई ने लीक किया है। स्कूल की भूमिका के बारे में एसडीएम कुछ भी बोलने से बच रहे हैं। लेकिन उन्होंने कहा कि मामले में स्कूल की भूमिका संदिग्ध जरूर है।

इन कारणों से स्कूल की भूमिका संदिग्ध :- 

  • परीक्षा से 4 दिन पहले 30 नवंबर को पवन सैनी ने नौकरी छोड़ने का नोटिस दे दिया फिर भी उसे परीक्षा ड्यूटी में रिजर्व रखा।
  • परीक्षा में प्रिंसिपल की जगह वाइस प्रिंसिपल को पेपर सुपरिटेंडेंट बनाया।
  • अचानक से पेपर लीक के बाद स्कूल से संबंधित सदस्य छुट्टी पर बाहर चले गए और पवन सैनी के गिरफ्तारी के तीन दिन बाद शहर में लौटे।
  • इतने बड़े मामले को अकेले एक अध्यापक अंजाम नहीं दे सकता। पवन सैनी को स्कूल में कमरा दे रखा था और मोबाइल बाहर रखवाने के बाद भी पवन ने अंदर से पेपर लीक कर दिया।

हमारी कोई भूमिका नहीं भाटिया :- पेपर लीक मामले में भिवानी पुलिस से लेकर स्थानीय प्रशासन ने जब भी स्कूल के अंदर आकर जांच की हमने हर समय सहयोग किया है। इस मामले से हमारा कोई लेना-देना नहीं है। भिवानी पुलिस ने हमारे पीटीआई पवन सैनी को जरूर पकड़ा है, लेकिन वह पहले ही नौकरी छोड़ने का नोटिस दे चुका था।

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