5:02 pm - Monday May 29, 2017

एक पेपर के लिए 5 लाख रुपए देने का किया सौदा, चार पेपर कराए लीक

हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (एचएसएससी) क्लर्क भर्ती परीक्षा में आंसर-की लीक मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। पता चला है कि पेपर लीक कांड की साजिश नवंबर माह से रची जा रही थी। रोहतक की यूनिवर्सल एकेडमी का संचालक जितेंद्र सिवाच गन्नौर के एक स्कूल में अंग्रेजी के पीजीटी के पद पर भी तैनात है। इससे पहले नवंबर तक उसकी ड्यूटी पानीपत के एक स्कूल में थी। उसी दौरान जितेंद्र के एक शिक्षक दोस्त ने उसकी मुलाकात पानीपत के करुणा मांटेसरी हाई स्कूल के पीटीआई पवन सैनी से कराई।

जितेंद्र ने पवन के सामने पेपर लीक का प्रस्ताव रखा, जिसे उसने तुरंत स्वीकार कर लिया। एक पेपर लीक करने का सौदा पांच लाख रुपए में तय हुआ। तय योजना के अनुसार जितेंद्र सिवाच कोड बताता और पवन वह पेपर लीक कर उसकी फोटो जितेंद्र के वाॅट्सएप पर भेज देता था। जितेंद्र से पवन ने कुल 21 लाख रुपए लिए हैं।पवन ने पूछताछ में कबूला है कि उसने 4 पेपर लीक कर उनकी फोटो जितेंद्र के वाॅट्सएप पर भेजी है। हालांकि, अभी तक पता नहीं चला है कि 11 दिसंबर के अलावा पवन ने अन्य कौन-कौन सी तारीख के पेपर लीक किए हैं। गौरतलब है कि एचएसएससी की क्लर्क भर्ती परीक्षाएं 13, 20, 27 नवंबर, चार दिसंबर और 11 दिसंबर को हुई हैं। अब भिवानी पुलिस जितेंद्र के शिक्षक दोस्त की तलाश में छापेमारी कर रही है।

11 दिसंबर को आंसर-की नहीं पकड़ी जाती तो प्लान कामयाब हो जाता :- पवन सैनी ने पूछताछ में बताया कि वह 11 दिसंबर से पहले तीन पेपरों की फोटो जितेंद्र को भेज चुका था। उसे इसका पैसा भी मिल चुका था। 11 दिसंबर को भिवानी पब्लिक स्कूल में परीक्षा दे रहे नरेंद्र पर शिक्षिका का ध्यान नहीं जाता तो सारा प्लान कामयाब हो जाता। नरेंद्र पर संदेह होने पर शिक्षिका ने उसकी तलाशी ली। तलाशी के दौरान आंसर-की पकड़ी गई। इस कड़ी के सहारे पुलिस मास्टरमाइंड तक पहुंची तथा पेपर लीक करने का मुख्य आरोपी पकड़ में आया।

एक दिन के रिमांड पर लिया :- मामले की जांच कर रही पुलिस एसआईटी के इंजार्च डीएसपी विजय देशवाल ने बताया कि पवन, जितेंद्र और जैमर कंपनी के सुपरवाइजर अजय जांगड़ा को सोमवार को फिर से कोर्ट में पेश कर एक दिन के रिमांड पर लिया है। देशवाल ने बताया कि जितेंद्र ने कबूला है कि उन्होंने भिवानी के अलावा हिसार और पानीपत के परीक्षा केंद्रों में भी परीक्षार्थियों को आंसर-की उपलब्ध कराई थी। अब जांच की जा रही है कि कितने परीक्षार्थियों को आंसर-की पहुंचाई गई। पुलिस अब तक कुल सात लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है।

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