12:17 am - Tuesday July 25, 2017

रोहतक में बनी प्लानिंग, कोचिंग सेंटर संचालक निकला मास्टर माइंड

hssc-paper-leak-planning-rohtak-coaching-center-owner-is-master-mindहरियाणा कर्मचारी चयन आयोग की क्लर्क परीक्षा का पर्चा लीक मामले का तीसरे दिन पुलिस ने लगभग पटाक्षेप कर दिया। पेपर लीक की प्लानिंग रोहतक में बनी। रोहतक के एक कोचिंग सेंटर का संचालक मास्टर माइंड निकला। जैमर कंपनी के एक सुपरवाइजर से मिलकर आंसर-की परीक्षा केंद्र के भीतर भिजवाई। इस खेल में कई शिक्षकों व जैमर कंपनी के कर्मचारियों की संलिप्तता सामने आई है। पुलिस ने फिलहाल एक जेबीटी टीचर और कोचिंग देने वाले शिक्षक को गिरफ्तार कर लिया है। एक जेबीटी टीचर की अभी तलाश की जा रही है। इस गिरोह ने आंसर-की का प्रति परीक्षार्थी नौ लाख रुपये में सौदा किया। शहर के नौ परीक्षा केंद्रों में आंसर-की पहुंचाए जाने का खुलासा हुआ है। प्रदेश के दूसरे जिलों के परीक्षा केंद्रों में भी इस खेल से इनकार नहीं किया जा सकता है।

रविवार को हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग की क्लर्क परीक्षा के पर्चा लीक मामले में मंगलवार को पुलिस ने अहम खुलासा किया। एसपी अशोक कुमार ने बताया कि जेबीटी शिक्षक काकड़ोद (जींद) वासी विरेंद्र गुड्डू व साइंस शिक्षक अनिल पंघाल (भिवानी जिले के खरकड़ी माखवान निवासी) को गिरफ्तार किया। कुछ अन्य की संलिप्तता सामने आई है। जिनकी गिरफ्तारी के लिए प्रयास किए जा रहे है। अनिल पंघाल से परीक्षार्थी नरेंद्र द्वारा दिए एक लाख रुपये भी बरामद कर लिए है।

यूं खेला गया पेपर लीक का खेल :- पेपर लीक के खेल की योजना रोहतक में बनी। एसपी ने बताया कि रोहतक की यूनिवर्सल एकेडमी के संचालक गांव भैणी वासी जितेंद्र सिवाच और साइंस टीचर अनिल पंघाल ने ज्यादा रुपये कमाने की के लिए यह खेल खेला। दोनों ने मिलकर आंसर-की का जुगाड़ किया और फिर परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने के लिए जैमर लगाने वाली कंपनी के सुपरवाइजर भिवानी के शांति नगर वासी अजय जांगड़ा से सेटिंग की। प्रत्येक उम्मीदवार के बदले 60 हजार रुपये में डील हुई। डील के बाद अजय ने अनिल पंघाल को जैमर कंपनी का आई-कार्ड उपलब्ध कराया। इसके बाद अनिल पंघाल जैमर कंपनी का कर्मचारी बनकर परीक्षा केंद्र के भीतर गया और परीक्षार्थी नरेंद्र तक आंसर-की पहुंचाई। इस खेल में काकड़ौद वासी प्राथमिक शिक्षक विरेंद्र, अंबाला में कार्यरत जींद वासी जेबीटी शिक्षक सतीश समेत कई अध्यापकों के शामिल होने की संलिप्तता सामने आई है।

दो बार परीक्षा केंद्र जाने के कारण आया शक के घेरे में :- अनिल पंघाल जैमर कंपनी का कर्मचारी बन बीपीएस स्कूल में प्रवेश कर गया। 3:10 पर वह सेंटर में परीक्षार्थी नरेंद्र के पास पहुंचा और उसका कोड जाना। परीक्षा केंद्र में तैनात महिला कर्मचारी ने उसे देख लिया।  करीब 40 मिनट बाद जैमर कर्मचारी बन अनिल पंघाल दोबारा नरेंद्र के पास पहुंचा और चुपचाप आंसर-की दे दी। जैमर कर्मचारी को दोबारा नरेंद्र से मिलते देख महिला कर्मचारी को शक हुआ और नरेंद्र की जांच की तो उसके पास आंसर-की मिली।

एक लाख दिए, आठ लाख देने थे बाद में :- पकड़े गए परीक्षार्थी नरेंद्र ने बताया कि जेबीटी शिक्षक विरेंद्र गुड्डू  व जींद जिले के उदयपुर वासी जेबीटी शिक्षक सतीश उसके जानकार है। उनसे नौ लाख में डील हुई। उसने तोशाम क्षेत्र के गांव खरकड़ी वासी अनिल पंघाल को एक लाख रुपये एडवांस ली। अनिल पंघाल ही उसके पास जैमर कर्मचारी बनकर आया।

कहां से आउट हुआ पर्चा, पुलिस के पास नहीं है जवाब :- प्रश्र पत्र लीक कहां से हुआ, इस सवाल का जवाब अभी भी पुलिस के पास नहीं है। अब तक की जांच में यह तो खुलासा हो गया कि कैसे प्रश्र पत्र परीक्षार्थियों तक पहुंचाए गए। मगर लीक कहां हुआ इसकी जांच पुलिस कर रही है। आरोपी जितेंद्र सिवाच, सतीश इस बारे में कुछ बता सकते है। पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है। एसपी ने बताया कि जांच में यह भी सामने आया है कि 10-15 परीक्षार्थियों तक आंसर-की पहुंचाई गई है।

Filed in: News

No comments yet.

Leave a Reply

*

error: Content is protected !!