6:12 am - Friday December 15, 2017

सेना भर्ती के नियमों में हुआ एक और बड़ा बदलाव, अब इस तरह होंगी नई भर्तियां

भारतीय सेना में भर्ती के नियमों में एक बार फिर से बड़ा बदलाव किया गया है। अब युवाओं को सेना की नौकरी पाने के लिए ये शर्तें पूरी करनी ही होंगी।

सेना भर्ती में दस्तावेजी फर्जीवाड़े को लेकर सेना अलर्ट है। सेना लगातार नियमों को और सख्त बनाने में जुटी हुई है। इसी कड़ी में सेना ने अब यह फरमान जारी किया है कि खुली भर्ती के दौरान अभ्यर्थियों की आंखों की पुतलियों और फिंगरप्रिंट का डाटा जुटाया जाएगा। इसका मिलान संबंधित अभ्यर्थियों के आधार कार्ड के साथ किया जाएगा। मिलान होने पर ही अभ्यर्थी सेना भर्ती में भाग ले पाएगा, अन्यथा उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।

दूसरे के दस्तावेजों पर भर्ती होने की फिराक में युवा हरियाणा में ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं, जिसमें युवाओं ने अपने ही परिचित किसी दूसरे (भाई या अन्य नजदीकी रिश्तेदारों) के शैक्षणिक दस्तावेजों के आधार पर सेना में एंट्री की कोशिश की। हरियाणा में ऐसे 73 केस भी दर्ज हैं, जिनकी जांच अभी चल रही है। इनमें शैक्षणिक दस्तावेजों के साथ-साथ कई अन्य फर्जी दस्तावेज भी इस्तेमाल किए गए हैं, उनकी भी जांच हरियाणा पुलिस कर रही है।

इसलिए बरतनी पड़ी चौकसी सेना में भर्ती से पहले आंखों की पुतलियों और फिंगरप्रिंट का डाटा चेक खास वजह से किया जा रहा है। दरअसल, सेना भर्ती में आने वाले हजारों युवाओं के दस्तावेज तो खंगालती है, लेकिन यह पता लगाना थोड़ा मुश्किल हो जाता है कि भर्ती के लिए शैक्षणिक दस्तावेज जमा करवाने वाला शख्स वही है, जिसके नाम से शैक्षणिक दस्तावेज हैं। क्योंकि पहले स्कूलों व कालेजों की डिग्री व डीएमसी (डिटेल मार्क्स कार्ड) में छात्रों की फोटो चस्पा नहीं होता था। इसलिए कई ऐसे मामले पकड़ में आए, लेकिन अब इस नई व्यवस्था से सेना की ये चिंता भी खत्म हो जाएगी।

ऐसे होगा डाटा चेक सेना में भर्ती के लिए अभ्यर्थी पहले दौड़ में भाग लेंगे। इसमें जितने युवा पास होंगे, अगली कड़ी में उनका मेडिकल होगा। बस, उसी वक्त अभ्यर्थियों की आंखों की पुतली और फिंगरप्रिंट का डाटा कलेक्ट कर लिया जाएगा। उसके बाद मौजूद अभ्यर्थी के डाटा की पहचान उस शख्स के ‘आधार डाटा’ से ऑनलाइन की जाएगी, जिसके नाम से शैक्षणिक दस्तावेज होंगे। इस डाटा जांच के लिए सेना ने अपना खास साफ्टवेयर तैयार कर लिया है। डाटा जांच के बाद दूसरे के शैक्षणिक दस्तावेजों का दुरुपयोग कर सेना को धोखा देने वाला अभ्यर्थी वहीं पकड़ा जाएगा।

डाटा चेक से पहले तीन अभ्यर्थी गायब सूत्रों के अनुसार हरियाणा के मुलाना कस्बे में विगत दिनों हुई सेना की खुली भर्ती रैली में इस नई व्यवस्था को पहली बार इस्तेमाल किया गया। इस रैली में 1200 अभ्यर्थियों का दौड़ टेस्ट के बाद मेडिकल के लिए चयन किया गया। अब इन अभ्यर्थियों की आंखों की पुतली और फिंगरप्रिंट डाटा की जांच होनी थी। जैसे ही यह प्रक्रिया शुरू हुई तो 3 अभ्यर्थी अचानक गायब हो गए। इस प्रक्रिया के दौरान सेना उन्हें ढूंढती रही, लेकिन उनका अभी तक पता नहीं चल पाया।

 

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