11:01 pm - Wednesday February 22, 2017

6 मांगों को लेकर हरियाणा के 19 जिलों में जाटों का धरना शुरू, झज्जर में इंटरनेट सेवा बंद

आरक्षण समेत छह मांगों को लेकर रविवार से हरियाणा के 19 जिलों में जाट आंदोलन शुरू हो गया। यह जाट आरक्षण संघर्ष समिति यशपाल मलिक गुट की ओर से किया जा रहा है। पिछले साल हुए जाट आंदोलन में करीब 30 लोगों की मौत हुई थी और हजारों करोड़ की प्रॉपर्टी का नुकसान हुआ था। ऐसे में इस बार पूरे राज्य में सिक्युरिटी टाइट रखी गई है। उधर फतेहाबाद में फ्लैग मार्च में गैरहाजिर रहने पर 5 पुलिसवालों को सस्पेंड कर दिया गया है। यह फ्लैग मार्च जाट आंदोलन के मद्देनजर किया जाना था। आंदाेलनकारियों का हेडऑफिस जसिया गांव में…

  • जाट आरक्षण संघर्ष समिति ने प्रदेश में 19 जगह धरने शुरू किए हैं। इनका हेडऑफिस रोहतक के गांव जसिया को बनाया गया है।- आंदोलनकारियों ने तय किया था कि वे धरने के लिए खेतों में बैठेंगे, लेकिन वहां बारिश का पानी भर गया। इसके बाद वे गांव के बाहर सर्विस रोड पर ही धरना दे रहे हैं।
  • उधर रोहतक के सेक्टर-6 में जाट जागृति सेना का धरना तीसरे दिन भी जारी है।

इन जिलों में हो रहा आंदोलन :- 

  • हरियाणा के 22 में से 19 जिलों में यह आंदोलन हो रहा है। इनमें अम्बाला, करनाल, कुरुक्षेत्र, कैथल, जींद, झज्जर, पानीपत, फतेहाबाद, फरीदाबाद, भिवानी, महेंद्रगढ़, यमुनानगर, रेवाड़ी, रोहतक, सिरसा, सोनीपत, हिसार, पलवल, दादरी शामिल हैं।
  • गुड़गांव, मेवात और पंचकूला जिलों में अभी यह आंदोलन शुरू नहीं हुआ है। यहां और दिल्ली में 3 फरवरी से आंदोलन होगा।

जसिया में 16 नाके व दो कंपनियां :- 

  • रोहतक में आंदोलन के मद्देनजर सिक्युरिटी फोर्स के नाकों की तादाद 11 से बढ़ाकर 16 कर दी गई है।
  • रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) की 2 कंपनी रोहतक में पहुंच चुकी हैं।
  • जसिया में आरएएफ और पुलिस की एक कंपनी परमानेंट तैनात कर दी गई है।

हाईवे किनारे ही होगा धरना- हिसार के गांव मय्यड़ में प्रशासन की अनुमति के बिना रेलवे ट्रैक के पास धरना शुरू हुआ तो कैथल में भी लोग हाईवे के किनारे आन डटे।

भिवानी में 50 हजार लोगों के पहुंचने के आसार :- 

  • भिवानी में जींद रोड पर गांव धनाना में और तगोहाना के जौली गांव में भी धरना शुरू हो चुका है।
  • इससे पहले शनिवार देर शाम तक धरने वाली जगह पर 3 एकड़ जमीन को समतल किया गया।
  • धरना के कन्वीनर आजाद लठवाल का दावा है कि धरने वाली जगह पर 50 हजार लोगों के बैठने का इंतजाम होगा।
  • उधर, कैथल में शनिवार देर शाम तक एडमिनिस्ट्रेशन ने धरने के लिए जगह की अनुमति नहीं दी।
  • जाट आरक्षण संघर्ष समिति के प्रधान प्रवीन किच्छाना ने कहा कि समाज के लोग तय जगह देवबन कैंची पर ही आंदोलन करेंगे।

ये 6 मांग हैं जाटों की :- 

1. केन्द्र और राज्य में जाटों को आरक्षण दिया जाए।
2. फरवरी 2016 के आंदोलन के दौरान मारे गए लोगों के परिवार वालों और घायलों को मुआवजा दिया जाए। मारे गए लोगों के आश्रितों को नौकरी दी जाए।
3. दर्ज किए गए मुकदमे वापस लिए जाएं।
4. दोषी अफसरों पर कार्रवाई की जाए।
5. सांसद राजकुमार सैनी की स्पीच की जांच करने के बाद उनकी संसद से मेंबरशिप रद्द की जाए।
6. आंदोलन के दौरान जेल भेजे गए जाटों को रिहा किया जाए।

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