8:23 pm - Thursday April 27, 2017

जसिया धरनों का कंट्रोल सेंटर, 3 से दिल्ली पर दबाव की रणनीति

केंद्र में आरक्षण व अन्य मांगों को लेकर अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति (यशपाल गुट) की ओर से रोहतक के जसिया समेत प्रदेश में 19 स्थानों पर रविवार से जाट न्याय धरना शुरू कर दिया गया। रोहतक को ही सभी धरनास्थलों का कंट्रोल रूम बनाया गया है। एनएच 71ए के साथ जसिया की ओर जाने वाले सर्विस रोड पर धरने में भारी संख्या में आंदोलनकारी जुटे।

धरने के दौरान जसिया सूचना पहुंची कि फरीदाबाद धरनास्थल से कुछ लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया है, इस पर सर्वखाप प्रवक्ता केएल हुड्डा ने तीन बजे मंच से ऐलान किया कि समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक का फोन आया है कि यदि फरीदाबाद के साथियों को नहीं छोड़ा गया तो एक घंटे में वे सड़कों पर होंगे। इसके बाद 3 बजकर 22 मिनट पर दोबारा मंच से ऐलान किया गया कि प्रशासन का फोन आया है और साथियों को छोड़ दिया गया है। वहीं अफवाहों का दौर भी खूब चला। सर्वखाप प्रवक्ता कृष्ण लाल हुड्डा ने मंच से कहा कि डीजीपी की ओर से दिया गया बयान आपत्तिजनक है, उसे डीजीपी द्वारा वापस लिया जाना चाहिए। यदि ये बयान वापस नहीं लिया गया तो इसे सरकार का बयान माना जाएगा।

जाट जागृति सेना को भी साथ लाने की अपील, फैसला नहींसेक्टर 6 में जाट जागृति सेना की ओर से 27 जनवरी से दिए जा रहे धरने पर जाट नेत्री निशा चौधरी व अन्य एकजुटता का संदेश लेकर गए। उन्होंने आरक्षण की लड़ाई एक साथ मिलकर लड़ने का आह्वान किया। वहीं, यहां आयोजनकर्ताओं ने कहा कि धरना जारी रहेगा।

ईक्कस में कच्ची फसल काटकर डाला डेरा :- जींद के गांव ईक्कस में पहले दिन सुबह 9 से शाम 5 बजे तक धरना हुआ। यहां गेहूं की कच्ची फसल काटकर धरनास्थल तैयार किया गया है। अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति जिला इकाई के प्रधान वीरभान ढुल ने कहा कि ईक्कस महाभारत की स्थली है और यहां का आंदोलन उन्हें उनका हक दिलाएगा। उन्होंने बताया कि एक सप्ताह बाद प्रदेश के सभी जिलों में शुरू हुए धरनों की समीक्षा की जाएगी और फिर स्टेट बॉडी की मीटिंग कर आगामी रणनीति तैयार की जाएगी।

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