5:26 am - Saturday March 25, 2017

जाट आरक्षण पर रोक नहीं हटी, सुनवाई फिर टली, पर उलझ गया मामला

जाटों सहित 6 जातियों को आरक्षण पर लगी रोक हटाने से हाईकोर्ट ने इंकार कर दिया है, वहीं मामला एक बार ​फिर से उलझ गया है। पीआईएल बेंच के सामने शनिवार को याची पक्ष द्वारा दी गई दलीलों के बाद हाईकोर्ट ने कहा कि अंतिम दौर में आकर याची की दलीलें ही किसी और तरफ जा रही है।

हाईकोर्ट ने कहा कि जहां से चले थे अब ऐसा लगता है वहीं दोबारा आकर खड़े हो गए हैं। हाईकोर्ट ने इसपर याची पक्ष पर सवालिया निशान लगाते हुए जनहित याचिका दाखिल करने का आधार बताने के आदेश जारी किए हैं।

हरियाणा सरकार को हाईकोर्ट के इन आदेशों के चलते झटका लगा और सरकार ने आगे केस सुनने से पहले आरक्षण पर लगी रोक को हटाने की अपील की गई। हाईकोर्ट ने इस अपील को नजर अंदाज करते हुए फिलहाल रोक नहीं हटाने का निर्णय लिया है।

शनिवार को मामले की सुनवाई शुरू होते ही याची पक्ष द्वारा दलीलें शुरू की गई। याची पक्ष द्वारा दाखिल की गई अर्जी जब बेंच के सामने सुनवाई के लिए पहुंची तो हाईकोर्ट ने कहा कि इस अर्जी का इस याचिका में कोई औचित्य ही नहींं बनता है। इसके बाद से ही मामला उलझना शुरू हो गया। इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि अब बेंच के मन में यह सवाल है कि क्या याची ने यह याचिका जनहित में दाखिल की है या निज हित में। इस दौरान याची पक्ष ने कहा कि संविधान के प्रावधानों के साथ ही यह मामला धर्म सिंह मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए आदेशों की भी उल्लंघना है।

हाई कोर्ट ने इस पर कहा कि अभी तक यह मामला आरक्षण पर कमिशन की भूमिका को लेकर चल रहा था और अब याची पक्ष की दलीलेंं ही बदल गई हैं और वे संविधान के अनुरूप इसकी वैधता को लेकर बहस कर रहा है। कोर्ट ने कहा कि जिस प्रकार याची की दलीलें बदली हैं उसके चलते अब ऐसा लगता है कि इस लिहाज से नए सिरे से सुनवाई आरंभ करनी होगी। हाई कोर्ट ने याची पक्ष पर सवाल उठाते हुए कहा कि अब याची यह साबित करे कि इस याचिका को दाखिल करना उसका अधिकार है। ऐसे मेंं समाज के लिए किया गया कार्य, आय का साधन बताने के साथ ही अजैब सिंह व भारतीय होम्योपैथी केस में पीआइएल के लिए बनाए गए नियमों की पालना करने के बारे में जवाब दाखिल करें।

केस को लटकता देख हरियाणा सरकार की ओर से अपील की गई कि याचिका पर सुनवाई भले ही जारी रखी जाए पर जाटोंं सहित 6 जातियों को दिए गए आरक्षण पर लगाई गई रोक को हटा दिया जाए। हाई कोर्ट ने इस अपील को नजर अंदाज करते हुए रोक हटाने से फिलहाल इन्कार कर दिया है। मामले की अगली सुनवाई 21 दिसंबर को निर्धारित की है।

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One Response to “जाट आरक्षण पर रोक नहीं हटी, सुनवाई फिर टली, पर उलझ गया मामला”

  1. Amit
    12/19/2016 at 1:32 pm #

    Sir case no kya hai

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