9:56 pm - Saturday April 21, 2018

हरियाणा के विधायकों की पेंशन पर सीएम खट्टर ने चलाई कैंची

हरियाणा सरकार के एक जनवरी 2016 से पहले और बाद के विधायकों की पेंशन तय करने के फार्मूले को तर्कसंगत बनाने के लिये राज्य विधानसभा में हरियाणा विधायक पेंशन अधिनियम, 1975 में संशोधन हेतु लाये गए विधेयक को आज सर्वसमति से पारित कर दिया गया।इस अवसर पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि वर्ष 2006 में नये वेतनमान लेने के बावजूद राज्य में पूर्व सदस्यों को पेंशन के साथ मिलने वाले महंगाई भत्ते की दर 245 प्रतिशत है। कायदे के अनुसार महंगाई भत्ता संशोधित पेंशन में समायोजित होना चाहिए था। लेकिन ऐसा नहीं किया गया जिस पर कई सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने इसे सरकारी खजाने पर डाका बताया और कहा कि सरकार ने अब इस डाके पर रोक लगा दी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व विधायकों के पेंशन फार्मूले से लोगों को ऐसा लग रहा था कि रेवड़यिां अपने-अपनों को बांटी जा रही थी लेकिन सरकार ने अब पेंशन फार्मूले में संशोधन करते हुये इसे अब तर्कसंगत बनाने का काम किया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में पूर्व विधायकों को एक अक्तूबर, 2013 से 10,000 रुपये प्रतिमाह की दर से पेंशन तथा प्रथम पांच साल के कार्यकाल के बाद के प्रत्येक अतिरिक्त वर्ष के लिए 1500 रुपये और 50 प्रतिशत महंगाई राहत का भुगतान किया जा रहा है। वहीं, एक जनवरी, 1996 के उपरांत चार बार पेंशन में संशोधन के बावजूद वे उक्त राशि पर 245 प्रतिशत की दर महंगाई राहत प्राप्त कर रहे हैं। जोकि उस महंगाई राहत की दर के बराबर है जो राज्य सरकार के उन पेंशनरों पर लागू होती है। जिनकी एक जनवरी, 1996 के उपरांत पेंशन में संशोधन नहीं किया गया है।

श्री खट्टर ने कहा कि अब एक जनवरी, 2016 से पहले प्रथम कार्यकाल पूरा करने वाले सभी विधायकों की पेंशन एक जनवरी, 2016 को लागू पेंशन, अतिरिक्त पेंशन, महंगाई पेंशन और महंगाई राहत को मिलाकर समेकित कर दी जाएगी।  इस समेकित राशि में पहले कार्यकाल के लिये पेंशन 50,000 रुपये तथा इसके बाद प्रत्येक वर्ष के लिये इसमें 2,000 रुपये प्रतिमाह जोड़े जाएंगे। जो मंहगाई राहत के रूप में होगी। इसके अलावा वे राज्य सरकार द्वारा 2016 के बाद अपने पेंशनरों के लिए समय-समय पर निर्धारित महंगाई राहत प्राप्त करने के पात्र होंगे। उन्होंने कहा कि एक जनवरी, 2016 के बाद अपना प्रथम कार्यकाल पूरा करने पर विधायक को 50,000 रुपये प्रतिमाह की पेंशन और इसके बाद के प्रत्येक वर्ष के लिये इसमें 2000 रुपये प्रतिमाह जोड़े जाएंगे। इसके अलावा पूर्व विधायक 2016 के बाद के पेंशनरों के लिए सरकार द्वारा निर्धारित महंगाई राहत भी प्राप्त करने का पात्र होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसा करने से सभी सदस्यों के पहले कार्यकाल की बेसिक पेंशन एक समान होगी। इसके बाद कोई विधायक जितने की कार्यकाल विधायक रहता है उसकी बेसिक पेंशन और महंगाई राहत (निर्धारित) भी एक सामान होगी। सदस्यों की मांग पर राज्य सरकार ने पूर्व-विधायकों और उनके परिवार के सदस्यों की यात्रा के लिए रेलवे कूपन की सुविधा देने का भी प्रस्ताव किया है। इस संबंध में उन्हें 10,000 रुपये तक के रेलवे कूपन की सुविधा देना प्रस्तावित किया गया है। लेकिन यह सुविधा उन्हीं विधायकों को मिलेगी जिनकी मासिक पेंशन, महंगाई राहत और रेलवे कूपन की कुल राशि एक लाख रुपये की राशि से अधिक नहीं होगी।

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