2:36 pm - Wednesday October 18, 2017

1 मार्च से धरने बढ़ाने तो 2 को संसद घेरने का ऐलान, कई जिलों में इंटरनेट सेवा बंद

आरक्षण व अन्य मांगों को लेकर जाट समुदाय का आंदोलन पिछले 22 दिन से जारी है। रविवार को जाट बलिदान दिवस पर आंदोलन का स्वरूप बदलने की चेतावनी के चलते समाज और सरकार अपनी-अपनी तैयारी में थे। आखिर हवन के साथ विभिन्न धरनास्थलों पर बलिदान दिवस का आयोजन हुआ। गोहाना में जाट नेता यशपाल मलिक ने 1 मार्च से धरने बढ़ाने और 2 मार्च को संसद के घेराव का ऐलान किया है। सुरक्षा के मद्देनजर कई जिलों में इंटरनेट व बस सेवाएं ठप…

– बलिदान दिवस को लेकर चल रही तैयारियों के बीच रविवार को जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक सबसे पहले सोनीपत जिले के गांव जौली में धरनास्थल पर पहुंचे।

– यहां मलिक ने कहा कि आज देशभर में बलिदान दिवस मनाया जा रहा है। सरकार ने जल्दबाजी में मुआवजा बांटा है, जो काफी कम है। सरकार में बैठे मंत्रियों व समाज के नेता आंदोलन को तोड़ने के प्रयास कर रहे हैं, जो कौम के गद्दार हैं।

– बीते दिनाें सरकार की कमेटी के सामने हमने अपनी मांगें रखी। अब दूसरे दौर की बातचीत का न्यौता मिला है, जिसके लिए हम सहमत हैं, लेकिन सभी मांगों को मान न लिए जाने तक आंदोलन न सिर्फ जारी रहेगा, बल्कि 1 मार्च को प्रदेश के 10 जिलों में धरना बढ़ा दिए जाएंगे और 2 मार्च को दिल्ली में संसद का घेराव किया जाएगा।

– इसके बाद मलिक रोहतक के जसिया स्थित धरनास्थल के लिए रवाना हो गए। माना जा रहा है कि बलिदान दिवस समारोह में वहां करीब 6 लाख लोगों के जुटने वाले हैं। वहीं रविवार सुबह प्रशासन की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और चेतावनी के बीच करीब 20 हजार रामपाल समर्थक धरनास्थल पर पहुंच चुके हैं।

– उधर प्रदेश में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। एेहतियात के तौर पर सभी नेशनल स्टेट हाईवे, रेलवे स्टेशन-ट्रैक, बस स्टैंड, नहरों पर पुलिस और अर्द्धसैिनक बलों के जवान तैनात किए गए हैं।

– रोहतक, सोनीपत, पानीपत और जींद में मोबाइल इंटरनेट सेवा को बंद कर दिया गया है। साथ ही शराब की बिक्री पर भी रोक लगा दी गई है।

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