2:42 pm - Wednesday October 18, 2017

सेना में बनाना है कॅरियर तो, ऐसे करें NDA की तैयारी

अगर आप सेना में नौकरी करना चाहते हैं और चाहते हैं कि कम उम्र में ऑफिसर का रुतबा भी मिले, तो आपके लिए एनडीए बेहतरीन करियर विकल्प है। सेना में नौकरी करने का एक अलग ही क्रेज है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि आपको देश की सेवा करने का बेहतरीन अवसर मिलता है। अब सैलरी भी अच्छी हो गई है। यही कारण है कि अधिकतर युवा इस नौकरी को पाने के लिए एनडीए प्रवेश परीक्षा की तैयारी करते हैं।

मानसिक मजबूती जरूरी :- अन्य परीक्षाओं में जहां मानसिक मजबूती देखी जाती है, तो वहीं इस परीक्षा में शारीरिक और मानसिक दोनों की मजबूती आवश्यक है। यही कारण है कि इस परीक्षा में उत्तीर्ण होनेवाले स्टूडेंट्स कम उम्र में ही सैन्य अधिकारी बन जाते हैं। अगर आपमें भी ऑफिसर्स जैसी क्वालिटी है और ऑफिसर बनकर देश की सेवा करना चाहते हैं, तो आपके लिए बेहतरीन अवसर है।

आपकी योग्यता :- एनडीए परीक्षा के लिए एयरफोर्स एवं नेवी के लिए फिजिक्स और मैथमेटिक्स विषयों के साथ 12वीं उत्तीर्ण होना चाहिए। हालांकि आर्मी विंग के लिए किसी भी स्ट्रीम से बारहवीं पास युवा आवेदन कर सकते हैं। जो युवा बारहवीं की परीक्षा में शामिल हो रहे हैं, वे भी इस प्रतियोगिता परीक्षा के लिए आवेदन कर सकते हैं, लेकिन उन्हें एसएसबी इंटरव्यू के समय 12वीं उत्तीर्ण करने का प्रमाण पेश करना होगा।

किस तरह की परीक्षा :- एनडीए परीक्षा में दो विषयों की कुल 900 अंकों की परीक्षा होती है-पहला, मैथमेटिक्स और दूसरा जनरल एबिलिटी टेस्ट। दोनों के ढ़ाई-ढ़ाई घंटे के पेपर होंगे। मैथमेटिक्स का पेपर 300 और जनरल एबिलिटी का पेपर 600 अंक का होगा। सभी प्रश्न ऑब्जेक्टिव टाइप के होंगे। इसकी तैयारी के लिए प्लानिंग बनानी होगी और उसी के अनुरूप तैयारी करनी होगी।

कठिन परीक्षा के लिए रहें तैयार :- रिटेन टेस्ट क्लियर करने वाले अभ्यर्थियों को सेना के सर्विस सिलेक्शन बोर्ड यानी एसएसबी द्वारा इंटरव्यू और व्यक्तित्व परीक्षण के लिए कॉल किया जाता है। परीक्षा के इस चरण का मुख्य उद्देश्य अभ्यर्थी की पर्सनैलिटी, उसकी बुद्धिमत्ता और सेना में एक ऑफिसर के रूप में उसकी ऑफिसर लाइक क्वालिटी (ओएलक्यू) को जांचना-परखना होता है। एसएसबी के सेंटर देश के कई शहरों में स्थित हैं और अभ्यर्थी को उसके निकटवर्ती सेंटर पर ही बुलाया जाता है। आमतौर पर एसएसबी इंटरव्यू पांच दिनों का होता है, लेकिन इसमें पहले दिन स्क्रीनिंग टेस्ट ही होता है, जिसमें साइकोलॉजिकल टेस्ट लिया जाता है।

स्क्रीनिंग टेस्ट में फेल होने वाले अभ्यर्थियों को वापस भेज दिया जाता है। शेष को अगले चार दिन तक कई टेस्ट देने होते हैं। इस दौरान उनका ग्रुप डिस्कशन यानी जीडी, साइकोलॉजिकल टेस्ट, इंटरव्यू बोर्ड तथा ग्रुप टास्क ऑफिसर द्वारा अलग-अलग तरीके से आकलन किया जाता है और उनकी ओएलक्यू को जांचा-परखा जाता है। एनडीए परीक्षा के आधार पर अंतिम रूप से चुने गए अभ्यर्थियों को नेशनल डिफेंस एकेडमी, खडगवासला, पुणे में तीन वर्ष की ट्रेनिंग दी जाती है।

खास बात यह है कि इस तीन वर्ष की ट्रेनिंग के दौरान वे अपनी स्ट्रीम के अनुसार ग्रेजुएशन की पढ़ाई भी पूरी करते हैं। इसके लिए उनके पास फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथ्स एवं कंप्यूटर साइंस विषयों के साथ बीएससी का या पॉलिटिकल साइंस, इकोनॉमिक्स, हिस्ट्री आदि विषयों के साथ बैचलर ऑफ आट्र्स यानी बीए का विकल्प होता है। हालांकि ट्रेनिंग के पहले वर्ष में तीनों सेनाओं के लिए चयनित अभ्यर्थियों को एक ही कोर्स की पढ़ाई करनी होती है।

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