11:47 pm - Tuesday May 22, 2018

हरियाणा के 90 विधायकों में से 30 ग्रेजुएट भी नहीं, पूर्व CM बोले- नेता का पढ़ा-लिखा होना जरूरी नहीं

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने एमपी और एमएलए के लिए शैक्षणिक योग्यता तय करने का पत्र पीएम नरेंद्र मोदी को लिखकर माननीयों की धड़कनें बढ़ा दी हैं। आने वाले दिनों में अगर एमपी के लिए एमए और एमएलए के लिए बीए की योग्यता की शर्त चुनाव लड़ने के लिए लगाई जाती है तो हरियाणा में 30 एमएलए का पत्ता कट जाएगा।

चूंकि, हरियाणा की वर्तमान विधानसभा में 60 एमएलए ही ग्रेजुएट, इसके समकक्ष डिग्री धारक या ज्यादा पढ़े लिखे हैं। सभी दलों के 30 विधायक ऐसे हैं, जिनकी शैक्षणिक योग्यता 12वीं या इससे कम है। कुल 90 विधायकों में से 25 बीए, 17 विधायक 12वीं पास, 20 ग्रेजुएट बिजनेसमैन, 12 एमए, चार विधायक आठवीं पास, एक पांचवीं पास, आठ विधायक दसवीं पास व दो पीएचडी हैं।

न्यूनतम शिक्षा का दिया सुझाव : मनोहर लाल
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने पटना में प्रवासी हरियाणा सम्मेलन में भी कहा कि उन्होंने पीएम व केंद्र सरकार को पत्र लिखकर एमपी व एमएलए के लिए न्यूनतम योग्यता तय करने का सुझाव दिया है। हरियाणा में  पंचायती राज संस्थाओं में न्यूनतम शिक्षा अनिवार्य करने का प्रयोग सफल हो चुका है। देश के सभी राज्यों को पंचायती राज संस्थाओं में न्यूनतम शिक्षा लागू करने की बात सर्वोच्च न्यायालय ने भी कही है।

जनता की अगुवाई करने को पढ़ा-लिखा होना जरूरी नहीं: हुड्डा
पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा का कहना है कि सांसदों और विधायकों के लिए पढ़ा-लिखा होना जरूरी नहीं है। जनता की अगुवाई कोई भी कर सकता है। उन्होंने कहा कि जिन स्वतंत्रता सेनानियों ने जनता की अगुवाई करके देश को आजाद कराया, वह ज्यादा पढ़े-लिखे नहीं थे। मुख्यमंत्री मनोहर लाल का यह कहना कि सांसद और विधायक पढ़े-लिखे ही होने चाहिए, सही नहीं है। हुड्डा सीएम खट्टर की उस मांग पर प्रतिक्रिया दे रहे थे, जिसमें उन्होंने केंद्र से सांसदों और विधायकों के लिए शैक्षणिक योग्यता का मानक बनाने की मांग की है।

ये हैं अंडर ग्रेजुएट
. परिवहन एवं आवास मंत्री कृष्ण लाल पंवार दसवीं पास हैं। उनके पास बायलर कंपेटेंसी डिप्लोमा बी है।
. असंध के भाजपा विधायक बख्शीश सिंह और कालांवाली के शिरोमणि अकाली दल (बादल) के विधायक बलकार सिंह दसवीं पास हैं।
. पटौदी से भाजपा विधायक बिमला चौधरी मात्र पांचवीं पास हैं।
. पंचकूला से भाजपा विधायक ज्ञानचंद गुप्ता की शैक्षणिक योग्यता 12वीं है।
. जींद से वरिष्ठ इनेलो विधायक हरिचंद मिड्डा की शैक्षणिक योग्यता दसवीं हैं।
. खरखौदा से कांग्रेस विधायक जयवीर सिंह 12वीं पास और पेहवा से इनेलो विधायक एवं पूर्व कृषि मंत्री जसविंद्र सिंह संधू की शैक्षणिक योग्यता दसवीं है।
. गुहला से भाजपा विधायक कुलवंत बाजीगर और कलानौर से कांग्रेस विधायक शकुंतला खटक 12वीं पास हैं। खटक ने नर्सिंग का डिप्लोमा भी कर रखा है। बरौदा से कांग्रेस विधायक श्रीकृष्ण हुड्डा अंडर मैट्रिक हैं, जबकि सिरसा से इनेलो विधायक मक्खन लाल सिंगला आठवीं से कम पढ़ लिखे हैं।
. रोहतक से भाजपा विधायक व सहकारिता राज्य मंत्री मनीष ग्रोवर की शिक्षा 12वीं है।
. नरवाना के विधायक पृथी सिंह आठवीं पास है। दादरी से इनेलो विधायक राजदीप, रानियां से विधायक रामचंद कांबोज व नलवा से इनेलो विधायक रणबीर सिंह गंगवा 12वीं पास हैं।
. समालखा से आजाद विधायक रवींद्र मछरौली दसवीं। सोहना से भाजपा विधायक तेजपाल तंवर 12वीं और पृथला से बसपा विधायक टेकचंद शर्मा ने प्री-यूनिवर्सिटी करने के साथ डिप्लोमा कर रखा है। इनेलो के सिरसा से सांसद चरणजीत सिंह दसवीं पास है।

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