3:41 pm - Wednesday April 18, 2018

हरियाणा में शराब पीकर गाड़ी चलाई तो खैर नहीं, गैरजमानती अपराध हुआ

हरियाणा में अब शराब पीकर वाहन चलाना भारी पड़ेगा। शराब पीकर वाहन चलाने वाले से दुर्घटना में किसी की मौत हो जाना गैरजमानती अपराध होगा। सरकार ने विधानसभा में कहा कि इसके लिए प्रस्ताव लाया जाएगा।

राज्‍य विधानसभा में बुधवार को नशे के फैलते जाल पर लाए गए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान सरकार की ओर से जानकारी दी गई कि मादक पदार्थों से ज्‍यादा शराब का कारोबार होने से बड़ी चुनौती है। कांग्रेस के करण दलाल और नेता प्रतिपक्ष व इनेलो नेता अभय चौटाला ने हरियाणा में मादक पदार्थों की बिक्री पर ध्यानाकर्षण प्रस्ताव दिया था। शिक्षा मंत्री प्रो. रामबिलास शर्मा ने इस पर चर्चा के बाद उसका जबाव देते हुए नया कानून बनाए जाने के बारे में जानकारी दी।

प्रो. रामबिलास ने कहा कि सरकार शीघ्र ही ऐसा कानून बनाकर केंद्र सरकार को मंजूरी के लिए भेजेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शराब, अफीम, चूरा पोस्त, गांजा, चरस, हेरोइन, स्मैक जैसे मादक पदार्थों की अवैध बिक्री पर गंभीर है। शर्मा ने कहा कि यह कहना गलत होगा कि राज्य के संबंधित अधिकारियों द्वारा ऐसे गंभीर मामलों में उचित कार्रवाई नहीं होती।

कांग्रेस विधायक करण दलाल के इस कथन पर कि युवा कुछ ऐसी दवाइयों का भी सेवन कर रहे हैं जिनसे नशा होता है, उस पर शिक्षा मंत्री ने कहा कि ऐसी दवाइयों के उत्पादन सहित बिक्री पर भी सरकार के अधिकारी नजर रख रहे हैं। ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर चर्चा में गीता भुक्कल, बलवान सिंह दौलतपुरिया, रामचंद्र कांबोज, रवींद्र बलियाला, परमिंदर ढुल और जसविंदर संधू भी शामिल हुए।

करण दलाल ने कहा कि नशे के कारोबार को रोकने को जिला स्तर पर कमेटियां बनें। अभय चौटाला ने कहा कि अब हरियाणा में स्थिति पंजाब से ज्यादा गंभीर हो गई है। ऐसे में सरकार ने अांखें मूंद रखी हैं। नशे के कोल कारोबार के खिलाफ सख्‍ती से कदम उठाए जाने चाहिए। युवाओं को नशे के चक्रव्‍यूह में जाने से बचाना होगा। अभय चौटाला ने कहा, मेरे विधान सभा क्षेत्र में चिट्टे का धंधा हो रहा है। कई लड़कियां भी इस धंधे में शामिल हैं। मगर पुलिस को शिकायत के बावजूद भी नही रुका धंधा।चौटाला के अनुसार, उनके गांव में 60 प्रतिशत युवा नशे के आदी हो चुके हैं।

चर्चा के जवाब में सरकार की ओर से बताया गया कि हरियाणा में वर्ष 2017 में नशीले पदार्थों की तस्करी के कुल 2247 मामले दर्ज किए गए और लगभग सभी आरोपितों को गिरफ्तार किया गया। आरोपितों के पास से 86.28 किलो अफीम, 124.736 किलो चरस, 9549.किलो चूरा पोस्त, 9.494 किलो स्मैक, 4367.881 किलो गांजा और 3.918 किलो हेरोइन बरामद हुई।

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