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एचएसएससी चेयरमैन बोले- नौकरी लगे 24 हजार कर्मचारियों में से कोई कहे लेनदेन हुआ तो मानें

हरियाणा में सरकारी नौकरियों का सौदा करने वाले रैकेट के पकड़े जाने के बाद कर्मचारी चयन आयोग (एचएसएससी) से लेकर राजनीतिक गलियारों में हर जगह लाखों रुपये लेकर नौकरियां बेचे जाने की ही चर्चाएं हैैं। सीएम फ्लाइंग की छापेमारी, आउटसोर्स पर काम करने वाले जूनियर कर्मचारियों की धरपकड़ और अब तक हुई भर्ती की विश्वसनीयता को लेकर दैनिक जागरण के स्टेट ब्यूरो प्रमुख अनुराग अग्रवाल ने हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के चेयरमैन भारत भूषण भारती से बात की। पेश है प्रमुख अंशः

प्रश्न: कर्मचारी चयन आयोग में वर्षों से नौकरियां बेचने का खेल चल रहा। क्या सीएम फ्लाइंग की छापेमारी की आपको जानकारी थी?

उत्तर: मुख्यमंत्री मनोहर लाल के नेतृत्व वाली सरकार पहले दिन से पारदर्शिता और मेरिट को आधार बनाकर नौकरियां देने की पक्षधर रही है। आयोग ने इसी रीति-नीति पर काम किया और आगे बढ़े। सरकार को जरूर कुछ सूचनाएं मिली होंगी। सुधार के लिए जो किया जाना चाहिए, वह किया गया। सीएम फ्लाइंग की छापेमारी की हमें कोई जानकारी नहीं थी।

प्रश्न: सीएम फ्लाइंग की छापेमारी के बाद आठ कर्मचारियों की गिरफ्तारी का अगली भर्ती प्रक्रिया पर क्या असर पड़ेगा। लोगों में अविश्वास पैदा होगा?

उत्तर: भर्ती प्रक्रिया सुचारु रूप से जारी है। सीएम फ्लाइंग अपना काम कर रही है और आयोग अपना काम। फिलहाल 14 हजार नई भर्तियों की प्रक्रिया जारी है। इस पर कोई विपरीत असर नहीं पडऩे वाला है। सभी परीक्षाएं और कार्यक्रम पूर्व निर्धारित हैैं।

प्रश्न: हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग में इतनी गिरफ्तारियां होने से पूर्व में हो चुकी 24 हजार भर्तियों की निष्पक्षता पर भी सवाल खड़े हो रहे? लग रहा कि यह भर्तियां पैसे देकर हुई?

उत्तर: यह आशंका निर्मूल है। जिन कर्मचारियों का चयन हुआ है, उनमें से किसी ने नहीं कहा कि उनके साथ किसी तरह का लेनदेन हुआ है। यदि कोई सामने आए तो माना जा सकता है कि कुछ गड़बड़ है। शत प्रतिशत मेरिट के आधार पर पूर्ण पारदर्शिता के साथ 24 हजार भर्तियां हुई हैैं। आगे भी पारदर्शिता और मेरिट का ध्यान रखेंगे।

प्रश्न: कांग्रेस और इनेलो के लोग आरोप लगा रहे कि जिन कर्मचारियों को पकड़ा गया है वह आपके नजदीकी हैैं? डेरा प्रेमियों की हिंसा के दिन भी कुछ कर्मचारी आयोग के कार्यालय में देखे गए थे?

उत्तर: राजनीतिक लोगों को सिर्फ आरोप लगाने से मतलब होता है। अधिकतर कर्मचारी आउटसोर्सिंग के जरिये भर्ती हुए। सभी विभागों में होते हैैं। यहां भी थे। मेरा किसी से कोई निजी संपर्क, संबंध अथवा पहचान नहीं है। बाकी काम पुलिस कर ही रही है।

प्रश्न: कांग्रेस के रणदीप सिंह सुरजेवाला का खुला आरोप है कि साढ़े तीन साल में 19 बार पेपर लीक हुए। नौकरियां बेची गई?

उत्तर: इस तरह के आरोपों में भी कोई दम नहीं है। सरकार को समस्त फीडबैक दे दिया गया है। सरकार ही इस बारे में अधिकृत जवाब देने के लिए उपयुक्त है। वैसे भी पुलिस की जांच में सब कुछ सामने आ जाएगा। हम यह दावे से कह सकते हैैं कि आयोग ने मेरिट की कोई अनदेखी नहीं की।

प्रश्न: सीएम फ्लाइंग कर्मचारी चयन आयोग के बाकी अधिकारियों व कर्मचारियों से भी पूछताछ करेगी तो क्या रुख रहेगा?

उत्तर: हम जांच में सहयोग करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैैं। पूरे प्रदेश के हितों का सवाल है। सरकार ने जो गंदगी साफ करने की पहल की है, आयोग उसके लिए जांच में हर तरह का सहयोग देगा। दस्तावेज व रिकार्ड मांगने पर वह भी उपलब्ध कराए जाएंगे।

प्रश्न: अब तक की रिपोर्ट के आधार पर क्या यह मान लिया जाए कि बहुत बड़ा रैकेट हरियाणा में काम कर रहा है और इसके और भी सदस्य हैैं?

उत्तर: सभी आरोपितों को पुलिस ने कोर्ट में पेश कर रिमांड पर ले लिया है। उनसे पूछताछ की प्रक्रिया जारी है। आरोपित क्या बताते हैैं, इसके आधार पर ही पुलिस अपनी जांच में आगे बढ़ेगी। तभी कुछ कहा जा सकेगा। तब तक भर्ती प्रक्रिया निर्बाध रूप से चलती रहेगी।

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