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बजट से पहले सरकार को जनता के सुझावः युवाओं को नौकरी दें और क्राइम करें कंट्रोल

हरियाणा के बजट को लेकर प्रदेश के लोगों को काफी आशा है। कई लोगों ने प्रदेश में बढ़ते क्राइम को कम करने के लिए सुझाव दिए हैं, फरीदाबाद से एक व्यक्ति ने कॉमन हेल्पलाइन नंबर जारी करने की अपील की है, ताकि क्राइम को कंट्रोल किया जा सके। क्राइम की सूचना देने वाले का नाम गुप्त रखा जाए। जबकि गुरुग्राम सुझाव आया है कि युवाओं को नौकरी के अवसर दिए जाएं, सेवानिवृत व्यक्तियों की बजाए युवा अधिक कारगर होंगे। यही नहीं जब युवाओं को रोजगार मिलेगा तो अपराध भी कम होगा। योजनाओं को कारगर ढंग से लागू करने में युवा महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर सकते हैं।

– बजट को फाइनल करने से पहले सरकार की ओर से वेबसाइट जारी कर प्रदेश के लोगों के सुझाव मांगे गए थे। करीब 37 लोगों ने सरकार के पास अपने महत्वपूर्ण सुझाव भेजे हैं।
– इनमें प्रमुख रुप से स्वास्थ्य और शिक्षा को फोकस किया गया है। शिक्षा का बजट बढ़ाए जाने की मांग प्रमुख है। बजट में किसान व कर्मचारी पर विशेष फोकस किए जाने की मांग की गई है। जबकि जीएसटी को इनकम टैक्स में शामिल जाने की मांग भी की गई है।
– शराब की सभी दुकानों को सरकार द्वारा चलाए जाने की मांग भी बजट के सुझाव में आई है। जबकि सूरजकुंड मेले की तर्ज पर प्रदेश के छह जिलों में हर दो माह बाद यह मेला लगाया जाना चाहिए। इससे सरकार की आमदनी बढ़ सकती है। बजट सत्र 5 मार्च से शुरू होना है, जबकि बजट 8 या 9 को पेश किया जा सकता है।

ये आए हैं जनता के सुझाव

लॉटरी को मान्यता देने की मांग
– एक सुझाव आया है कि पंजाब सरकार विभिन्न त्योहारों पर लॉटरी बंपर निकालती है, ऐसे में सरकार को काफी रेवन्यू आता है। सरकार को चाहिए कि हरियाणा में भी इसे लागू कर दिया जाए। जबकि शराब के दाम भी बढ़ाए जा सकते हैं।

पशु चेकअप ओपीडी फीस लगे
– चरखी दादरी से सुझाव आया है कि पशुओं को जब चेकअप कराने जाएं तो पांच रुपए फीस लगाई जाए, यह कोई बड़ी फीस नहीं है। जबकि रोडवेज बसों पर विज्ञापन भी किया जा सकता है।

सरकार चलाए शराब ठेके
– यह सुझाव भी आया है कि सरकार शराब के ठेके खुद चलाए। इससे जहां रोजगार के साधन उपलब्ध होंगे, वहीं इससे काफी रेवन्यू में भी बढ़ोत्तरी होगी।

पहले अपराध रोकें, फिर रेवन्यू बढ़ाएं
– रोहतक से एक सुझाव दिया गया है कि पहले प्रदेश में अपराध रोके जाएं। फिर रेवन्यू बढ़ाने पर विचार किया जाना चाहिए।

शिक्षा के सिस्टम को जांचने के लिए बने काउंसिल या बोर्ड बने
– जींद से सुझाव दिया गया है कि शिक्षा के स्तर को हर माह जांचने के लिए जिला स्तर पर काउंसिल या बोर्ड का गठन किया जाए। इसमें सरकारी व प्राइवेट सदस्य 50-50 के प्रतिशत में नियुक्त किए जाएं, ताकि शिक्षा में लगातार सुधार हो सके। फतेहाबाद से सुझाव दिया गया है कि तकनीक बढ़ रही है, ऐसे में अध्यापकों की टीचिंग स्किल बढ़ाई जानी चाहिए। इससे शिक्षा का स्तर और बढ़ जाएगा।

अस्पतालों की संख्या बढ़ाई जाए
– अभी भी देहात में काफी इलाकों में लोगों को सही स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिल पा रही हैं। ऐसे में सरकार को चाहिए कि और भी अस्पताल खोले जाएं। जबकि पुराने अस्पतालों की क्षमता बढ़ाई जानी चाहिए, क्योंकि जनसंख्या तेजी से बढ़ रही है।

ट्रैफिक रूल्स तोड़ने वालों पर लगे भारी जुर्माना
– पंचकूला से सुझाव दिया गया है कि प्रदेश में लोग ट्रैफिक रूल्स को कुछ नहीं समझते, कई बार लापरवाह व्यक्ति की वजह से किसी की जान चली जाती है। एेसे में ट्रैफिक रूल्स तोड़ने वालों पर भारी जुर्माना लगाया जाना चाहिए। जबकि पेड़ काटने वाले पर भी भारी जुर्माना लगे। बिजली चोरी करने वाले पर भी जुर्माना और बढ़ाया जाए।

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