2:43 pm - Wednesday October 18, 2017

9 विधायक बोले- अफसरों के ट्रांसफर न हमारे कहने से नौकरी, सरकार में यह कैसी भागीदारी

हरियाणा में पहली बार अपने दम पर सत्ता में आई भाजपा में खींचतान जारी है। अफसर हावी होने, करीबियों को नौकरी न दिला पाने तथा ट्रांसफर-पोस्टिंग नहीं करा पाने से 16 विधायक अपनी ही सरकार से नाराज हैं। इनका दर्द है कि जब अिधकारी इनकी सुनते नहीं, चहेतों को डीसी रेट तक पर भी नौकरी नहीं मिलती तो इलाके और कार्यकर्ताओं के बीच इनका क्या रुतबा बचेगा? सरकार में यह उनकी कैसी भागीदारी है?

असंतुष्टों में से ज्यादातर दक्षिणी हरियाणा और जीटी बेल्ट से हैं, प्रदेश का वही इलाका िजसके बलबूते भाजपा को सत्ता मिली। इसलिए डैमेज कंट्रोल भी शुरू हो गया। सीएम से मिलने के बाद 5 विधायक संतुष्ट हो गए जबकि दो खेमेबंदी से पीछे हट गए। हालांकि 9 विधायकों के तेवर अभी तल्ख हैं। ये 16 मार्च को दिल्ली में विधायक दल की बैठक में हाईकमान से शिकायत करेंगे। भाजपा के सह राष्ट्रीय महामंत्री वी सतीश बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इसमें राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल भी मौजूद रहेंगे। देखना है कि उत्तरप्रदेश में ऐतिहासिक जीत के बाद हाईकमान अब असंतुष्ट विधायकों की बात को कितनी अहमियत देता है।

सिफारिश से अफसर लगें, कहने से नौकरी :- विधानसभा में ही सरकार को घेरने वाले गुड़गांव से विधायक उमेश अग्रवाल कहते हैं कि नाराजगी केवल कार्यशैली को लेकर है। हम चाहते हैं कि जिला स्तर पर विधायकों की सिफारिश पर ही अधिकारी लगे। विभागों में डीसी रेट पर विधायक की सिफारिशों पर ही नियुक्ति होनी चाहिए। सरकारी जमीन की लूट बंद होनी चाहिए। 16 मार्च को सीएम मनोहर लाल के साथ संयुक्त बैठक होगी, जिस पर सभी मसले पर बातचीत होगी। समस्या का हल निकलने का पूरा भरोसा है। सीएम मनोहर लाल से कोई नाराजगी नहीं है।

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