10:24 am - Tuesday May 22, 2018

रोडवेज कर्मियों की उम्‍मीदों को झटका, पदोन्नति रोकी और मांगी संपत्ति की डिटेल

दोन्नति का इंतजार कर रहे रोडवेज कर्मचारियों की फाइलें परिवहन निदेशालय ने रोक दी हैं। पहले इन कर्मचारियों को अपनी चल-अचल संपत्ति की जानकारी विभाग को देनी होगी। इसके बाद ही इन्हें पदोन्नति मिलेगी। निदेशालय के फैसले से कर्मचारियों का गुस्सा और भड़क गया है।

सहायक, जूनियर ऑडिटर, लेखाकार सहित कई पदों पर नियुक्तियां प्रभावित

पिछले महीने ही निदेशालय ने पहले 8200 चालक-परिचालकों को कच्चा करने और अंतरराज्यीय रूटों की बसें बंद करने का फरमान जारी कर दिया था। कर्मचारियों के विरोध के बाद सरकार ने मामले में हस्तक्षेप किया जिस पर दोनों फैसले वापस ले लिए गए। अब निदेशालय ने कर्मचारियों की पदोन्नति को रोक कर नया विवाद खड़ा कर दिया है।

विभाग में सहायक, जूनियर ऑडिटर, लेखाकार, कार्यालय अधीक्षक, निरीक्षक व हेड मैकेनिक के पदों पर पदोन्नतियां होनी हैं। लंबे अरसे से फाइलों पर कोई कार्रवाई नहीं होने के बाद जब कर्मचारी नेताओं ने निदेशालय से संपर्क साधा तो दोटूक जवाब मिला कि पहले संपत्ति का ब्योरा जमा कराना होगा। इसके बगैर किसी कर्मचारी की पदोन्नति नहीं होगी।

विरोध में उतरी ज्वाइंट एक्शन कमेटी

पदोन्नति के लिए नई शर्त के विरोध में हरियाणा रोडवेज वर्कर्स ज्वाइंट  एक्शन कमेटी मैदान में उतर आई है। कमेटी पदाधिकारियों हरिनारायण शर्मा, दलबीर किरमारा, बाबूलाल यादव, जय भगवान यादव, अनूप सहरावत व बलवान सिंह ने कहा कि वर्ष 1979 से 2002 तक अलग-अलग समय में एक साथ भर्ती हुए कर्मचारियों में किसी को नियुक्ति तिथि, किसी को 240 दिन या दो, तीन और पांच साल बाद नियमित किया गया है।

इसी तरह तकनीकी पदों पर कार्यरत 85 फीसद कर्मियों को तकनीकी स्केल व एसीपी का लाभ देकर शेष बचे कर्मियों को वंचित रख दिया है। इससे वरिष्ठ व कनिष्ठ कर्मचारियों के वेतनमानों मे भारी अंतर हो गया।

28 को बसों का चक्का जाम

परिवहन निदेशालय के तुगलकी फरमानों के खिलाफ रोडवेज यूनियने 28 दिसंबर के चक्का जाम की तैयारी में जुटी हैं। च्वाइंट एक्शन कमेटी की राज्य स्तरीय तीन टीमें सभी डिपो व सब डिपुओं का दौरा पूरा कर चुकीं। जल्द ही फिर से पूरे प्रदेश का दौरा कर हड़ताल के लिए समर्थन जुटाया जाएगा।

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