10:34 pm - Wednesday December 13, 2017

हरियाणा के बड़े-बड़े नेताओं से हरियाणवी बेरोजगारो के अनसुलझे सवाल

रोजगार के नाम पर हरियाणवी बेरोजगारो के साथ क्रुर मजाक परंपरा बन चूकी। हरियाणा के बरोजगार नौवजवानों की भर्ती किये जाने से उनको रोजगार मिलता परंतु सरकार बरोजगारो के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। भर्ती के लिए निकले सरकारी विज्ञापनौ के जवाब में मिले आवेदनों ने राज्य में सुशासन और बेरोजगारी की कलई खोल दी है.

मेरा चाचा सीएम बन गया, शुक्र है रब तेरा युवा तबके में उम्मीद की हल्की किरण

विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी की भारी जीत के बाद राज्य की कमान जब मनोहर लाल खट्टर जैसे ईमानदार मुख्यमंत्री के हाथों में सौंपी गई थी तो खासकर  हरियाणवी युवा तबके में उम्मीद की हल्की किरण कौंधी थी. उसे लगा था कि एक ईमानदार मुख्यमंत्री शायद बेरोजगारी का दर्द समझ कर उस दिशा में ठोस पहल करेगा. लेकिन रोजगार के नाम पर हरियाणवी बेरोजगारो के साथ क्रुर मजाक की परंपरा जैसी-की-तैसी हैं।

हरियाणा राज्य से पीएचडी और इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल करने वाले छात्र 5-10 हजार रुपये की नौकरी के लिए मोहताज हैं. सरकारी अधिकारियों की मानें तो महज इंटरव्यू के आधार पर होने वाली इस नियुक्ति में 2-3  साल का समय लग सकता है. तब तक तो बेरोजगारों की एक नई जमात तैयार हो जाएगी.

हरियाणा राज्य की यह तस्वीर एक भयावह संकेत है. येन-केन-प्रकारेण सत्ता हासिल करने और फिर उस पर पकड़ बनाए रखने की कोशिशों में जुटे राजनीतिक दलों के लिए भी यह खतरे की घंटी है. लेकिन सवाल यह है कि क्या वह इससे सबक लेकर तस्वीर का रुख बदलने की दिशा में कोई ठोस पहल करेंगे? अब तक मिलने वाले संकेत तो नकारात्मक ही हैं.

प्रदेश के हालात एसे हैं चपरासी के पद के लिये भी बेरोजगारी से जूझ रहे तमाम डिग्रीधारी मधुमक्खी की तरह उस पर टूट पड़ते हैं. 

हरियाणा सरकार सत्ता पक्ष से विपक्ष से हरियाणवी बेरोजगारो के अनसुलझे सवाल

  • आखिर भर्तीयो में भ्रष्टाचार कब समाप्त होगा ?
  • भर्तीयो में ठेकेदारी प्रथा कब समाप्त होगी ?
  • हर एक भर्ती को कोर्ट में क्यों जाना पड़ता ?
  • भर्ती पूरी करने की कोई समय क्यों तय नहीं हैं ?
  • हरियाणा स्टाफ सिलेक्शन कमीशन में की सुस्त कार्यप्रणाली के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं ?
  • क्या हरियाणवी बेरोजगार केवल वोट बैंक हैं ?
  • विधानसभा चुनावों में वोट माँगते समय रोजगार के वादे तथा सत्ता पक्ष में आने के बाद युवा तबके पर लाठीचार्ज कहा का इंसाफ हैं ?
  • फॉर्म्स भरने के 2 साल बाद तक परीक्षा आयोजित क्यों नहीं हुई हैं ?
  • आखिर क्यों 5 साल का समय भर्ती पूरी करने के लिये कम पड़ जाता हैं ?

विभिन्न हरियाणा सरकार एवम् उनके रोजगार के आयाम

  • भजन लाल सरकार :-  भ्रष्टाचार की जननी
  • चौटाला सरकार :- भ्रष्टाचार को बढ़ावा
  • हुड्डा सरकार :- भ्रष्टाचार + क्षेत्रवाद को बढ़ावा
  • खट्टर सरकार :- इनको को तो पता हीं नहीं आखिर भर्ती भ्रष्टाचार (इंटरव्यू) के साथ पूरी करनी हैं या बिना भ्रष्टाचार (इंटरव्यू) के।

यह खबर आप हिन्दी रोजगार समाचारपत्र दैनिक एक्स्प्रेस वेबसाइट के द्वारा पढ़ रहे है।

कृप्या अगर आपको हमारी यह पोस्ट पसंद आए तो ज्यादा से ज्यादा शेयर एवम् लाइक करे:-www.fb.com/dainikexpress

 

Filed in: Jobs, News

No comments yet.

Leave a Reply

*

error: Content is protected !!